भिलाई नगर। बाबा बैद्यनाथ धाम में जलाभिषेक के लिए निकले दुर्ग के एक कांवड़िये की देवघर पहुंचने से पहले रास्ते में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। मृतक की पहचान दुर्ग के गया नगर निवासी मनी चंद्रा (29) के रूप में हुई है। प्रारंभिक तौर पर मौत की वजह हृदयाघात बताई जा रही है। हालांकि, मौत के वास्तविक कारण का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चल सकेगा। घटना के बाद परिवार और साथ गए कांवड़ियों में शोक का माहौल है।

मनी चंद्रा करीब 35 कांवड़ियों के जत्थे के साथ दुर्ग से बाबा धाम की यात्रा पर निकले थे। एक हजार किलोमीटर से अधिक का सफर तय करने के बाद जत्था बिहार के सुलतानगंज पहुंचा। 10 अगस्त को सुलतानगंज में गंगा स्नान के बाद सभी श्रद्धालुओं ने उत्तरवाहिनी गंगा से जल भरा और देवघर के लिए पैदल कांवड़ यात्रा शुरू की।

मनिया मोड़ के पास अचानक सीने में उठा तेज दर्द

जानकारी के मुताबिक, सुलतानगंज से करीब 27 किलोमीटर दूर मनिया मोड़ के पास पैदल चलते समय मनी चंद्रा के सीने में अचानक तेज दर्द होने लगा। कुछ ही देर में उनकी तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। साथ चल रहे कांवड़ियों ने उन्हें संभाला और तत्काल नजदीक स्थित अस्थायी स्वास्थ्य शिविर लेकर पहुंचे।

स्वास्थ्य शिविर में मौजूद डॉक्टरों ने उन्हें प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। बाद में चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। शुरुआती तौर पर हृदयाघात से मौत की आशंका जताई गई है।

पत्नी ने इलाज की व्यवस्था पर उठाए सवाल

मनी चंद्रा की मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया। उनकी पत्नी ने स्थानीय प्रशासन की चिकित्सा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि समय पर बेहतर उपचार की सुविधा मिलती तो मनी की जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, इस आरोप पर प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।

मनी चंद्रा की दो छोटी बेटियां हैं। अचानक हुई इस घटना के बाद परिवार के सामने दोनों बच्चियों के पालन-पोषण की चिंता भी खड़ी हो गई है।

दुर्ग लाया जाएगा पार्थिव शरीर

मनी चंद्रा के पार्थिव शरीर को दुर्ग लाने के लिए आवश्यक प्रशासनिक औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव को उनके गृह नगर लाया जाएगा, जहां अंतिम संस्कार किया जाएगा। बाबा धाम की धार्मिक यात्रा के दौरान हुई इस घटना से उनके साथ यात्रा कर रहे श्रद्धालु भी सदमे में हैं।