रायपुर। निलंबित डीएसपी कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े विवाद में जांच रिपोर्ट के वित्तीय विवरण सामने आए हैं। रिपोर्ट में कारोबारी की ओर से कथित तौर पर करीब 2 करोड़ रुपये के उपहार और लेन-देन का उल्लेख किया गया है। कारोबारी का दावा है कि उसने यह रकम जुटाने के लिए लोन लिया, संपत्ति और गहने गिरवी रखे तथा वाहन और मकान तक बेचे। दूसरी ओर कल्पना वर्मा इन आरोपों को पहले ही साजिश और बेबुनियाद बता चुकी हैं।


बैंक स्टेटमेंट में कैश, ऑनलाइन ट्रांसफर और ज्वैलरी का जिक्र

रिपोर्ट के मुताबिक, कारोबारी ने दावा किया है कि अलग-अलग माध्यमों से बड़ी रकम दी गई। इसमें करीब 1.68 करोड़ रुपये नकद, लगभग 31 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर और करीब 20.66 लाख रुपये की ज्वैलरी का उल्लेख है। इसके अलावा लैपटॉप, एलईडी टीवी, डायमंड रिंग और अन्य उपहारों का भी जिक्र किया गया है।


घर-गहने गिरवी रखने और वाहन बेचने का दावा

कारोबारी की ओर से पेश वित्तीय विवरण में सोना गिरवी रखकर रकम लेने, होम लोन टॉप-अप कराने, बैंक से कर्ज लेने, फॉर्च्यूनर वाहन बेचने और मकान बेचने जैसी प्रविष्टियों का जिक्र है। रिपोर्ट में इन माध्यमों से करीब 2.28 करोड़ रुपये की राशि जुटाने का विवरण बताया गया है।


1,482 पन्नों की जांच रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय भेजी गई

मामले की जांच के बाद तैयार 1,482 पन्नों की रिपोर्ट 14 जनवरी 2026 को पुलिस मुख्यालय भेजे जाने का उल्लेख है। रिपोर्ट आईजी अमरेश कुमार मिश्रा की ओर से डीजीपी को भेजी गई थी। मामले में आगे की विभागीय कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया अभी जारी बताई गई है।


फरवरी 2026 में निलंबित हुई थीं DSP

कल्पना वर्मा को फरवरी 2026 में निलंबित किया गया था। कारोबारी दीपक टंडन ने उन पर करीब 2 करोड़ रुपये लेने के आरोप लगाए हैं। रिपोर्ट में महंगे उपहार स्वीकार किए जाने से जुड़े पहलुओं को सेवा आचरण नियमों के संदर्भ में भी देखा गया है।


कल्पना वर्मा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

कल्पना वर्मा ने आरोपों को साजिश बताते हुए कहा है कि मामला उनके पिता और दीपक टंडन के बीच पुराने कारोबारी लेन-देन से जुड़ा है। उन्होंने वाहन से जुड़े आरोपों पर भी कहा कि कार कानूनी तरीके से खरीदी गई थी और उसके दस्तावेज उनके पास हैं।

मामले में जांच और विभागीय प्रक्रिया जारी है। अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।