भिलाई। वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन के कार्यालय में ई-स्कूटी की मांग लेकर पहुंचे एक दिव्यांग युवक का मामला चर्चा में है। बातचीत के दौरान युवक के शराब के नशे में होने का संदेह होने पर ब्रेथ एनालाइजर से जांच कराई गई। जांच में शराब के सेवन की पुष्टि होने की जानकारी सामने आई। इसके बाद विधायक ने युवक को पहले नशा छोड़ने की समझाइश दी और भरोसा दिलाया कि इसके बाद उसे नियमानुसार ई-स्कूटी सहित अन्य योजनाओं का लाभ दिलाने में सहयोग किया जाएगा।

सुपेला निवासी दिव्यांग युवक अपनी जरूरत बताते हुए शांति नगर स्थित विधायक कार्यालय पहुंचा था। वह बाहर से ही विधायक को आवाज लगा रहा था। आवाज सुनकर विधायक रिकेश सेन गेट पर पहुंचे और युवक को कार्यालय के अंदर बुलाकर उसकी समस्या सुनी।


बातचीत के दौरान हुआ नशे में होने का संदेह

युवक से बातचीत के दौरान उसकी आवाज लड़खड़ाने और व्यवहार को देखते हुए शराब के सेवन का संदेह हुआ। इसके बाद वैशाली नगर पुलिस और यातायात विभाग की टीम को मौके पर बुलाया गया।

ब्रेथ एनालाइजर से युवक की जांच कराई गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, जांच में उसके शराब के नशे में होने की पुष्टि हुई।


विधायक बोले- ई-स्कूटी आत्मनिर्भर बनाने के लिए

रिकेश सेन ने युवक को समझाते हुए कहा कि दिव्यांगजनों को ई-स्कूटी उपलब्ध कराने की पहल का उद्देश्य उन्हें आत्मनिर्भर बनाना और रोजमर्रा के काम तथा रोजगार के लिए आवागमन आसान करना है।

उन्होंने कहा कि वाहन सुविधा का माध्यम है, लेकिन शराब के नशे में वाहन चलाना संबंधित व्यक्ति के साथ सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों के लिए भी खतरा पैदा कर सकता है।


‘पहले नशा छोड़िए, फिर स्कूटी भी मिलेगी’

विधायक ने युवक से शराब का सेवन छोड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे से दूरी बनाने के बाद उसे पात्रता और नियमों के अनुसार ई-स्कूटी दिलाने के लिए हरसंभव सहयोग किया जाएगा।

इसके साथ ही शासन और जनकल्याणकारी योजनाओं के तहत मिलने वाली अन्य सुविधाओं का लाभ दिलाने में भी सहायता करने की बात कही गई।


तत्काल नहीं दी गई ई-स्कूटी

युवक की मांग को देखते हुए उसे तत्काल ई-स्कूटी उपलब्ध कराने के बजाय पहले शराब छोड़ने की सलाह दी गई। इसके पीछे नशे की हालत में वाहन चलाने से होने वाले संभावित हादसों को रोकना प्रमुख कारण बताया गया।

घटनाक्रम के जरिए विधायक ने यह संदेश देने का प्रयास किया कि जरूरतमंद को सुविधा उपलब्ध कराने के साथ उसका सुरक्षित इस्तेमाल सुनिश्चित करना भी जरूरी है।