दंतेवाड़ा। छत्तीसगढ़ की दंतेवाड़ा पुलिस ने अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए केरल के कोझिकोड से तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी साइबर ठगों को कमीशन के बदले बैंक खाते उपलब्ध कराते थे, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को इधर-उधर ट्रांसफर करने में किया जाता था।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 21 वर्षीय मोहम्मद नीजाज आरएम, 23 वर्षीय अभिनव श्रीनिवास और 21 वर्षीय मोहम्मद साहिल के रूप में हुई है।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी लोगों और अपने परिचितों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर उन्हें साइबर ठगों को उपलब्ध कराते थे। इन खातों में ठगी की रकम जमा होने के बाद उसे क्रिप्टोकरेंसी और अन्य बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिया जाता था। जांच में यह भी पता चला कि केवल मोहम्मद नीजाज के नाम पर ही सात से आठ सक्रिय बैंक खाते संचालित हो रहे थे।मामला दंतेवाड़ा जिले के गीदम थाना क्षेत्र का है। यहां भूपेंद्र तेलामी नामक व्यक्ति को ऑनलाइन टास्क और अधिक मुनाफे वाले निवेश का झांसा देकर 61.06 लाख रुपये की ठगी की गई थी। शिकायत के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) तथा आईटी एक्ट की धारा 66(डी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

                                                                                  भारत सरकार के समन्वय पोर्टल, वित्तीय इनपुट और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई गई, जिसमें गिरोह के तार कई राज्यों से जुड़े मिले। इस प्रकरण में पुलिस पहले ही दिल्ली, महाराष्ट्र, राजस्थान और केरल से कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।जांच के दौरान 20 जून को एक रोचक घटनाक्रम भी सामने आया। ट्रांजिट रिमांड पर छत्तीसगढ़ लाए जा रहे आरोपी मोहम्मद नीजाज ने केरल के मलाबार क्षेत्र स्थित एक लॉज से पुलिस को चकमा देकर फरार होने की कोशिश की। हालांकि स्थानीय पुलिस की मदद से उसे अगले ही दिन दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया।

दंतेवाड़ा के पुलिस अधीक्षक गौरव राय ने बताया कि तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 27 जून तक न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। डिजिटल और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है।एसपी ने लोगों से अपील की है कि पार्ट-टाइम जॉब, ऑनलाइन टास्क और अधिक मुनाफे का लालच देने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहें। किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं।