राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ की होनहार वेटलिफ्टर ज्ञानेश्वरी यादव ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत की झोली में रजत पदक (सिल्वर मेडल) डाला है। महिला 53 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने कुल 199 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा स्थान हासिल किया और प्रदेश के साथ-साथ देश का गौरव बढ़ाया।

ज्ञानेश्वरी ने स्नैच में 88 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 111 किलोग्राम वजन उठाया। उनका प्रदर्शन पूरे मुकाबले में दमदार रहा, हालांकि स्वर्ण पदक नाइजीरिया की खिलाड़ी के नाम रहा।

संघर्ष से सफलता तक का सफर

राजनांदगांव की रहने वाली ज्ञानेश्वरी ने अपने अथक परिश्रम और अनुशासन के दम पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अलग पहचान बनाई है। वर्ष 2022 में जूनियर विश्व वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने लगातार बेहतरीन प्रदर्शन किया। उनकी उपलब्धियों को देखते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने वर्ष 2023 में उन्हें सहायक उपनिरीक्षक (ASI) के पद पर नियुक्त किया।

परिवार के त्याग का मिला इनाम

ज्ञानेश्वरी की इस उपलब्धि के पीछे उनके परिवार का संघर्ष भी जुड़ा है। आर्थिक चुनौतियों के बावजूद उनके पिता ने बेटी के सपनों को कभी टूटने नहीं दिया। वर्षों की मेहनत और परिवार के त्याग का परिणाम अब कॉमनवेल्थ गेम्स के रजत पदक के रूप में सामने आया है।

प्रदेश में खुशी की लहर

ज्ञानेश्वरी यादव की इस उपलब्धि पर पूरे छत्तीसगढ़ में खुशी का माहौल है। मुख्यमंत्री सहित कई जनप्रतिनिधियों और खेल प्रेमियों ने उन्हें बधाई देते हुए इसे राज्य की बेटियों के लिए प्रेरणादायक उपलब्धि बताया है।