रायपुर। छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को आधुनिक और सुविधाजनक बनाने की दिशा में नई पहल की गई है। प्रदेश के रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में ‘अन्नपूर्ति ग्रेन ATM’ की शुरुआत की गई है। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने शनिवार को तीनों मशीनों का ऑनलाइन शुभारंभ किया। नई व्यवस्था के जरिए पात्र राशनकार्डधारी अपनी सुविधा के अनुसार 24 घंटे और सातों दिन बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के जरिए चावल प्राप्त कर सकेंगे।
अब राशन के लिए समय की पाबंदी नहीं
ग्रेन ATM की मदद से हितग्राहियों को उचित मूल्य की दुकान के निर्धारित समय पर ही राशन लेने की बाध्यता से राहत मिलेगी। मशीन की स्क्रीन पर आधार नंबर या राशनकार्ड नंबर दर्ज करना होगा। इसके बाद बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण पूरा होने पर पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल मशीन से प्राप्त किया जा सकेगा।
इस व्यवस्था से राशन दुकानों में लगने वाली कतारों को कम करने और हितग्राहियों का समय बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
दूसरे राज्यों के राशनकार्डधारी भी उठा सकेंगे लाभ
ग्रेन ATM को ‘वन नेशन, वन राशनकार्ड’ व्यवस्था से भी जोड़ा गया है। इसके चलते छत्तीसगढ़ के अलावा दूसरे राज्यों के पात्र राशनकार्डधारी भी निर्धारित नियमों के तहत इसका लाभ उठा सकेंगे।
इससे विशेष रूप से प्रवासी श्रमिकों और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों से छत्तीसगढ़ आने वाले पात्र लोगों को राशन प्राप्त करने में सुविधा होगी।
ग्रेन ATM शुरू करने वाला पांचवां राज्य बना छत्तीसगढ़
ग्रेन ATM व्यवस्था पहले उत्तराखंड, मेघालय, गुजरात और ओडिशा में शुरू की जा चुकी है। अब छत्तीसगढ़ भी इस तकनीक का उपयोग करने वाले राज्यों में शामिल हो गया है।
पहले चरण में रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में मशीनें शुरू की गई हैं। इसे प्रदेश की PDS व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
एक मशीन में 2500 किलो तक चावल रखने की क्षमता
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के सहयोग से स्थापित इन अन्नपूर्ति ग्रेन ATM की भंडारण क्षमता करीब 2,500 किलोग्राम बताई गई है।
मशीन में चावल की लोडिंग स्वचालित प्रणाली के जरिए होगी। हितग्राही का बायोमेट्रिक सत्यापन होने के बाद मशीन उसकी पात्रता के अनुसार निर्धारित मात्रा में चावल उपलब्ध कराएगी।
PDS में पारदर्शिता बढ़ाने पर जोर
नई तकनीक से राशन वितरण की निगरानी को बेहतर बनाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। डिजिटल प्रमाणीकरण के कारण पात्र हितग्राही की पहचान और उसे दिए जाने वाले खाद्यान्न का रिकॉर्ड भी व्यवस्थित तरीके से रखा जा सकेगा।
खाद्य मंत्री बोले- लोगों का समय बचेगा
खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली को अधिक आधुनिक, पारदर्शी और जनसुविधा केंद्रित बनाने की दिशा में काम कर रही है।
उन्होंने कहा कि ग्रेन ATM शुरू होने से हितग्राही अपनी सुविधा के अनुसार राशन ले सकेंगे। इससे समय की बचत के साथ राशन दुकानों में भीड़ और लंबी कतारों की समस्या कम करने में मदद मिलेगी।
राशन वितरण व्यवस्था को मिलेगा डिजिटल विस्तार
ग्रेन ATM के जरिए सरकार का लक्ष्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुविधाजनक बनाना है। शुरुआती चरण में तीन प्रमुख शहरों में व्यवस्था शुरू होने के बाद इसके संचालन और परिणामों पर भी नजर रहेगी।
वर्ल्ड फूड प्रोग्राम की प्रतिनिधि नजीनो हॉसीमोनी ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे पारदर्शी और प्रभावी सार्वजनिक वितरण प्रणाली की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।





