रायपुर। राजधानी के गुढ़ियारी थाने में घुसकर हंगामा, तोड़फोड़, पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज और थाना प्रभारी को धमकी देने के मामले में पुलिस ने भाजयुमो नेता शुभांकर द्विवेदी समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि जब्त वाहन और साउंड सिस्टम को बिना कानूनी प्रक्रिया के छुड़ाने की मांग को लेकर आरोपी थाने पहुंचे थे और विवाद बढ़ने पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया।


जब्त वाहन और साउंड सिस्टम छुड़ाने पहुंचे थे थाने

गुढ़ियारी थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र साहू की शिकायत के अनुसार, 15 सितंबर की दोपहर करीब 2:30 बजे शुभांकर द्विवेदी अपने साथियों के साथ थाना प्रभारी के कक्ष में पहुंचे। वे 14 सितंबर को कोलाहल अधिनियम के तहत जब्त किए गए वाहन और साउंड सिस्टम को कार्रवाई के बिना छुड़ाने की मांग कर रहे थे।

पुलिस ने उन्हें बताया कि मामले में कानूनी कार्रवाई हो चुकी है और जब्त सामान न्यायालय की प्रक्रिया के जरिए ही वापस मिल सकता है। आरोप है कि इसी बात पर विवाद बढ़ गया और समूह ने थाने के भीतर धरना शुरू कर दिया।


गमला, पेन स्टैंड और टीवी तोड़ने का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि समझाइश के दौरान आरोपियों ने थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर मेज पर रखे गमले और पेन स्टैंड को फर्श पर पटककर तोड़ दिया गया।

इसके बाद कथित तौर पर नामपट्टिका उठाकर दीवार पर लगे टीवी पर मारी गई, जिससे टीवी क्षतिग्रस्त हो गया। पुलिस का आरोप है कि इस दौरान सरकारी कामकाज भी प्रभावित हुआ।


TI को वर्दी उतरवाने और जान से मारने की धमकी

पुलिस शिकायत के मुताबिक, हंगामे के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों से धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार भी किया गया। शुभांकर द्विवेदी पर थाना प्रभारी को गाली देने, वर्दी उतरवाने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

आरोप है कि समूह ने थाना प्रभारी के कमरे में एकत्र होकर स्टाफ की आवाजाही और जब्त वाहन-साउंड सिस्टम से जुड़े दस्तावेज तैयार करने के काम में भी बाधा डाली।


BNS की कई धाराओं में मामला दर्ज

पुलिस ने मामले में शुभांकर द्विवेदी, प्रकाश यादव, मुकुल वर्मा, सत्यम पांडेय, सोमेश पाल, जितेंद्र चंद्रवंशी, लाल सिंह चौहान और अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।

पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और थाने में हुई तोड़फोड़, सरकारी काम में बाधा तथा पुलिसकर्मियों को धमकाने से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।