सूरजपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर विकासखंड की ग्राम पंचायत मदननगर में सरपंच को पद से हटाए जाने के बाद विवाद गहराता जा रहा है। प्रशासन की कार्रवाई के विरोध में उपसरपंच सहित पंचायत के सभी 20 पंचों ने सामूहिक रूप से अपने पद से इस्तीफा दे दिया। सभी जनप्रतिनिधियों ने अपना त्यागपत्र एसडीएम को सौंपते हुए कार्रवाई को एकतरफा और अनुचित बताया है।

क्या है मामला?

कुछ दिन पहले मदननगर ग्राम पंचायत में हुए विवाद और हिंसक घटनाक्रम के बाद जिला प्रशासन ने सरपंच सुंदरी बाई को पद से हटा दिया था। प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम की धारा-40 के तहत नियमानुसार लिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक, कार्रवाई से पहले नोटिस जारी किया गया और संबंधित पक्ष को अपना पक्ष रखने का अवसर भी दिया गया।

जनप्रतिनिधियों ने उठाए सवाल

इस्तीफा देने वाले उपसरपंच और पंचों का कहना है कि प्रशासन ने निष्पक्षता नहीं बरती और पूरी कार्रवाई पक्षपातपूर्ण रही। उनका आरोप है कि आदिवासी समुदाय और किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोयला परियोजना और भूमि अधिग्रहण से जुड़े मामलों में प्रशासन का रवैया संतुलित नहीं रहा।

आंदोलन की चेतावनी

मामले को लेकर पूर्व जनपद अध्यक्ष ने भी प्रशासन की कार्रवाई का विरोध किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि निर्णय पर पुनर्विचार नहीं किया गया तो व्यापक आंदोलन किया जाएगा। उनका दावा है कि विरोध के समर्थन में क्षेत्र की 101 ग्राम पंचायतों के सरपंच भी सामूहिक इस्तीफा देने की तैयारी में हैं।

फिलहाल इस पूरे घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक और प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। प्रशासन की ओर से मामले पर आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।