रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कुछ घंटों की तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति देखने को मिली। करीब तीन से चार घंटे हुई बारिश के कारण कई प्रमुख और अंदरूनी सड़कों पर पानी जमा हो गया, जिससे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ा। जलभराव के बाद नगर निगम की मानसून से पहले की गई तैयारियों और जल निकासी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

शहर के पूर्व, पश्चिम, उत्तर और दक्षिण के अलग-अलग हिस्सों में सड़कों पर पानी जमा होने की शिकायतें सामने आईं। कई स्थानों पर नालियों से पानी की निकासी धीमी होने के कारण सड़कों पर जलस्तर बढ़ गया।


कुछ घंटों की बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव

तेज बारिश के बाद रायपुर के कई इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ। वाहन चालकों को जलभराव वाली सड़कों से निकलने में परेशानी हुई, वहीं स्थानीय लोगों को भी रोजमर्रा के कामों के लिए आवाजाही में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

बारिश ने शहर की जल निकासी व्यवस्था की क्षमता को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।


नालियों की सफाई को लेकर स्थानीय लोगों ने उठाए सवाल

स्थानीय निवासियों का आरोप है कि मानसून से पहले नालियों और नालों की पर्याप्त सफाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर सफाई केवल औपचारिक रूप से किए जाने के कारण तेज बारिश के दौरान पानी की निकासी प्रभावित हुई।

हालांकि, इन आरोपों पर रायपुर नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।


नगर निगम की मानसून तैयारियों पर सवाल

नगर निगम की ओर से शहर में सफाई व्यवस्था बेहतर करने और नालियों की सफाई को लेकर समय-समय पर अभियान चलाए जाते हैं। इसके बावजूद कुछ घंटों की बारिश के बाद कई इलाकों में जलभराव होने से इन तैयारियों की प्रभावशीलता को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

वहीं, नालियों में कचरा और प्लास्टिक फेंके जाने जैसी समस्याएं भी जल निकासी को प्रभावित करती हैं। ऐसे में नगर निगम की नियमित सफाई के साथ नागरिक स्तर पर भी नालियों और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा नहीं फेंकने को लेकर जागरूकता जरूरी है।


जल निकासी व्यवस्था मजबूत करने की मांग

जलभराव से परेशान लोगों ने नगर निगम से प्रभावित इलाकों में पानी की तत्काल निकासी कराने के साथ नालियों और नालों की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की है।

बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में शहर के जलभराव वाले संवेदनशील इलाकों में निगरानी और निकासी व्यवस्था मजबूत करना नगर निगम के लिए बड़ी चुनौती रहेगी।