अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में पत्नी की हत्या कर शव को नदी में छिपाने वाले छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) के जवान को अदालत ने दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपी ने हत्या को हादसा और पत्नी के लापता होने का मामला दिखाने की कोशिश की थी, लेकिन इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों ने उसकी पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया।


पंचम अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश स्मिता रत्नावत की अदालत ने आरोपी मनीष तिर्की (30) को पत्नी की हत्या और साक्ष्य छिपाने का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास एवं अर्थदंड से दंडित किया। मनीष तिर्की मूल रूप से कमलेश्वरपुर थाना क्षेत्र के ग्राम सुपलगा का निवासी है और घटना के समय छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल (CAF) में आरक्षक के पद पर पदस्थ था।


हत्या के बाद रची थी लापता होने की कहानी

अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने योजनाबद्ध तरीके से अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को नदी किनारे पत्थरों की खोह में छिपा दिया ताकि किसी को घटना की जानकारी न मिल सके।


घटना के बाद जब मृतका के मायके पक्ष ने उसकी तलाश शुरू की और दबाव बढ़ाया, तब आरोपी ने थाने पहुंचकर पत्नी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत करने के तुरंत बाद वह अपनी ड्यूटी पर भी चला गया, जिससे उस पर किसी को शक न हो।


इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों से खुला राज

मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था, लेकिन पुलिस ने मोबाइल लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। तकनीकी जांच में सामने आए तथ्यों ने आरोपी की कहानी को झूठा साबित कर दिया और हत्या के आरोप को प्रमाणित कर दिया।

अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों को स्वीकार करते हुए आरोपी को पत्नी की हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराया तथा उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई।