कोलकाता: भाजपा विधायक पवन सिंह ने शनिवार को तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए पार्टी नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं के खिलाफ लंबे समय से जांच चल रही है और अब जांच एजेंसियां अधिक सख्ती के साथ कार्रवाई कर रही हैं।
मीडिया से बातचीत में पवन सिंह ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जांच ब्यूरो जैसी एजेंसियां काफी समय से टीएमसी नेताओं की जांच कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए टीएमसी नेता जांच में सहयोग नहीं करते थे, लेकिन अब ईडी, सीबीआई और सीआईडी जैसी एजेंसियां सख्त तरीके से पूछताछ और जांच कर रही हैं।
पवन सिंह ने कहा कि जांच केवल एक नेता तक सीमित नहीं है। उन्होंने टीएमसी नेता मदन मित्रा का जिक्र करते हुए कहा कि कई अन्य नेता भी जांच के दायरे में हैं या आने वाले समय में जांच एजेंसियों की कार्रवाई का सामना कर सकते हैं।
भाजपा विधायक ने शिक्षा क्षेत्र को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि स्कूलों और कॉलेजों का इस्तेमाल आर्थिक लाभ के लिए किया जा रहा है। सिंह के अनुसार, जहां सरकारी स्तर पर फीस कम निर्धारित है, वहीं लोगों से अधिक राशि वसूली जा रही है और शिक्षा व्यवस्था पर उचित निगरानी नहीं है।
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि शिक्षण संस्थानों से बड़ी रकम की हेराफेरी की जा रही है और जांच पूरी होने के बाद सच्चाई सामने आ जाएगी।
यह बयान ऐसे समय में आया है जब रिपोर्ट्स के अनुसार सीआईडी अधिकारियों ने शनिवार तड़के टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी के कालीघाट स्थित आवास पर हस्ताक्षर जालसाजी मामले में छापेमारी की। इसके अलावा कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज होने की बात सामने आई है।
रिपोर्ट के अनुसार, यह एफआईआर 7 जून को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ममता बनर्जी ने ऐसा भाषण दिया जिससे शांति भंग होने और सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।
इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने पश्चिम बंगाल के कथित नगरपालिका भर्ती घोटाले से जुड़े मामले में टीएमसी विधायक और पूर्व मंत्री मदन मित्रा से संबंधित कोलकाता के सात ठिकानों पर छापेमारी की थी।
इन घटनाओं के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा और टीएमसी के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। भाजपा जहां टीएमसी पर भ्रष्टाचार और संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगा रही है, वहीं टीएमसी लगातार केंद्रीय एजेंसियों की कार्रवाई को राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित बताती रही है।





