कवर्धा। मां नर्मदा मंदिर अमरकंटक से भोरमदेव तक निकाली जा रही 151 किलोमीटर की कांवड़ पदयात्रा तीसरे दिन पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में पहुंची। विधायक भावना बोहरा के नेतृत्व में करीब 500 कांवड़ यात्री दुर्गम जंगल, पथरीली पगडंडियां और नदी का प्रवाह पार करते हुए आगे बढ़े। इस दौरान पूरे रास्ते ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष गूंजते रहे।
तीसरे दिन की यात्रा वन ग्राम महामाई खुड़िया से गौरकांपा के लिए शुरू हुई। कांवड़ियों ने मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर भगवान भोलेनाथ का स्मरण करते हुए यात्रा जारी रखी।
जंगल और पथरीली राहों से गुजरकर पंडरिया में प्रवेश
यात्रा का तीसरा दिन कांवड़ियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा। कहीं घने जंगलों के बीच संकरी पगडंडियां मिलीं तो कहीं पथरीले रास्तों से गुजरना पड़ा। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं को नदी का प्रवाह भी पार करना पड़ा।
कठिन परिस्थितियों के बावजूद कांवड़ यात्रियों का उत्साह बना रहा। भगवान शिव के जयकारे लगाते हुए सभी आगे बढ़ते रहे और यात्रा ने पंडरिया विधानसभा क्षेत्र में प्रवेश किया।
भावना बोहरा बोलीं- श्रद्धा मजबूत हो तो कठिन रास्ते भी आसान
विधायक भावना बोहरा ने कहा कि यह उनके लिए केवल 151 किलोमीटर की पदयात्रा नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि और सर्वमंगल की कामना के लिए लिया गया संकल्प है।
उन्होंने कहा कि दुर्गम जंगलों, पथरीली राहों और नदी के बीच से गुजरते समय यह अनुभव हुआ कि मन में श्रद्धा और संकल्प मजबूत हो तो कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं होती।
‘बोल बम’ के जयकारों से गूंजा वनांचल
यात्रा के दौरान वनांचल क्षेत्र में ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारे लगातार गूंजते रहे। कांवड़ यात्री मां नर्मदा और भगवान शिव का स्मरण करते हुए आगे बढ़ते दिखाई दिए।
भावना बोहरा ने कहा कि भगवान भोलेनाथ के प्रति आस्था और छत्तीसगढ़ की खुशहाली की कामना इस यात्रा की प्रेरणा है। कठिन रास्तों के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह यात्रा को आगे बढ़ाने की ऊर्जा दे रहा है।
500 कांवड़ियों का उत्साह बना यात्रा की ताकत
विधायक ने कहा कि मां नर्मदा का पवित्र जल कांवड़ में लेकर बाबा भोलेनाथ के नाम के साथ आगे बढ़ना एक आध्यात्मिक अनुभूति है। यात्रा की कठिन राहें शरीर की परीक्षा ले रही हैं, लेकिन हर कदम के साथ श्रद्धा और हौसला बढ़ रहा है।
करीब 500 कांवड़ यात्रियों की सहभागिता और एक-दूसरे का साथ देते हुए आगे बढ़ने की भावना को उन्होंने यात्रा की सबसे बड़ी ताकत बताया।
भोरमदेव में जलाभिषेक के साथ पूरी होगी यात्रा
अमरकंटक से शुरू हुई इस कांवड़ यात्रा का अंतिम पड़ाव भोरमदेव होगा। यहां मां नर्मदा से लाए गए पवित्र जल से भगवान शिव का जलाभिषेक किया जाएगा।
भावना बोहरा ने कहा कि ‘हर-हर महादेव’ का जयघोष केवल आस्था की अभिव्यक्ति नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि के लिए सामूहिक प्रार्थना भी है। भोरमदेव में जलाभिषेक के साथ यात्रा का धार्मिक संकल्प पूरा होगा।
भावना बोहरा ने श्रद्धालुओं और सहयोगियों का जताया आभार
भावना बोहरा ने यात्रा में शामिल कांवड़ियों, क्षेत्रवासियों और सहयोगियों के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि लोगों की सहभागिता ने इस यात्रा को और व्यापक बनाया है।
उन्होंने कहा कि यह कांवड़ यात्रा अब केवल धार्मिक पदयात्रा नहीं रही, बल्कि आस्था, सेवा, सहभागिता और सामूहिक संकल्प का उत्सव बन गई है।




