जगदलपुर, 30 जून। छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले में पुलिस विभाग में सामने आए चर्चित वेतन घोटाले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि पुलिस कर्मियों के वेतन और भत्तों के भुगतान में अनियमितता कर सरकारी राशि का गबन किया गया। मामले के खुलासे के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है और पूरे प्रकरण की गहन जांच जारी है।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वेतन भुगतान प्रक्रिया में हेराफेरी कर सरकारी धन को गलत तरीके से विभिन्न खातों में स्थानांतरित किया गया। इस अनियमितता की जानकारी मिलने के बाद विभागीय जांच शुरू की गई, जिसके आधार पर पुलिस ने आपराधिक मामला दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी।
जांच में सामने आई वेतन भुगतान में गड़बड़ी
अधिकारियों के अनुसार नियमित ऑडिट और वित्तीय रिकॉर्ड की जांच के दौरान वेतन वितरण में संदिग्ध लेन-देन का पता चला। दस्तावेजों की जांच में कई वित्तीय अनियमितताएं सामने आईं, जिसके बाद मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि वेतन भुगतान प्रणाली में किस प्रकार हेराफेरी की गई और सरकारी राशि किन-किन खातों में भेजी गई। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस पूरे मामले में और कितने लोग शामिल हो सकते हैं।
तीन आरोपियों को किया गया गिरफ्तार
जांच के दौरान मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों से पूछताछ कर वेतन भुगतान में की गई कथित गड़बड़ियों और धन के लेन-देन से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि पूछताछ के आधार पर मामले में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर आगे भी गिरफ्तारी की जा सकती है।
वित्तीय रिकॉर्ड और बैंक लेन-देन की हो रही जांच
जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों, वित्तीय दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की पड़ताल कर रही हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि सरकारी धन का उपयोग कहां और किस उद्देश्य से किया गया तथा गबन की कुल राशि कितनी है।
साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि क्या यह गड़बड़ी लंबे समय से चल रही थी या किसी सुनियोजित साजिश के तहत इसे अंजाम दिया गया।
अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जांच अभी जारी है और विभाग के अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। यदि किसी अन्य अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सख्त कार्रवाई के संकेत
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि सरकारी धन के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और जांच पूरी होने के बाद आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा।





