अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में ट्यूशन से घर लौट रही नाबालिग छात्रा को कथित तौर पर सुनसान इलाके की ओर ले जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ऑटो चालक नशे की हालत में था और छात्रा को उसके घर पहुंचाने के बजाय दूसरी दिशा में ले जा रहा था। छात्रा के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने ऑटो रुकवाकर उसे सुरक्षित बाहर निकाला और चालक को पकड़ लिया।
मामला गांधीनगर थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक करीब 13-14 वर्षीय छात्रा देर शाम ट्यूशन पढ़ने के बाद ऑटो में सवार होकर घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में चालक ने निर्धारित रास्ता बदल दिया और ऑटो को कॉलेज ग्राउंड की ओर ले जाने लगा। सुनसान इलाके की तरफ ऑटो जाते देख छात्रा घबरा गई और उसने शोर मचाकर मदद मांगी।
छात्रा की आवाज सुनकर मदद के लिए पहुंचे लोग
छात्रा की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग और ताइक्वांडो खिलाड़ी मौके पर पहुंचे। उन्होंने ऑटो को रुकवाया और छात्रा को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद लोगों ने चालक को पकड़ लिया। रिपोर्ट्स के अनुसार आक्रोशित लोगों ने उसकी पिटाई भी की और बाद में उसे पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस के हवाले किया गया ऑटो चालक
घटना के बाद आरोपी ऑटो चालक को पुलिस को सौंप दिया गया। प्रारंभिक मीडिया रिपोर्टों में चालक के नशे में होने और छात्रा को गलत इरादे से सुनसान स्थान की ओर ले जाने का आरोप लगाया गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और आरोपों की पुष्टि पुलिस जांच के आधार पर होगी।
इस घटना के बाद नाबालिग विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हुए हैं। खासकर शाम के समय ट्यूशन या कोचिंग से घर लौटने वाले बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन और वाहन चालकों की निगरानी की जरूरत सामने आई है।




