बलरामपुर। जिले के वाड्रफनगर ब्लॉक से स्वास्थ्य सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की स्थिति पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीर सामने आई है। सोनहत ग्राम पंचायत के पंडोपारा में सड़क और पुलिया नहीं होने के कारण प्रसव पीड़ा से जूझ रही गर्भवती महिला तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। इसके बाद ग्रामीणों और परिजनों ने महिला को गोद में उठाकर उफनता नाला पार कराया और करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर एंबुलेंस तक पहुंचाया।

जानकारी के मुताबिक, सोमवार को पंडोपारा की एक महिला को अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजनों ने तत्काल 108 संजीवनी एंबुलेंस को सूचना दी। एंबुलेंस गांव की ओर रवाना हुई, लेकिन कच्चे रास्ते और नाले पर पुलिया नहीं होने के कारण वाहन गांव से करीब दो किलोमीटर पहले ही रुक गया।


उफनता नाला पार कर महिला को पहुंचाया एंबुलेंस तक

लगातार बारिश के कारण नाले में तेज बहाव था। ऐसे में परिजनों और ग्रामीणों ने जोखिम उठाकर महिला को गोद में उठाया और नाला पार कराया। इसके बाद कीचड़ और दुर्गम रास्ते से करीब दो किलोमीटर पैदल चलकर उसे एंबुलेंस तक पहुंचाया गया।

एंबुलेंस के जरिए महिला को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका सुरक्षित प्रसव कराया गया।


ग्रामीणों ने सड़क और पुलिया की मांग की

स्थानीय लोगों का कहना है कि पंडो बहुल इस क्षेत्र में अब तक पक्की सड़क और पुलिया का निर्माण नहीं हो सका है। बारिश के दिनों में हालात और खराब हो जाते हैं। बीमार लोगों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को अस्पताल तक पहुंचाने में हर बार गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ग्रामीणों ने प्रशासन से क्षेत्र में जल्द से जल्द सड़क और पुलिया निर्माण कराने की मांग की है, ताकि आपात स्थिति में एंबुलेंस गांव तक पहुंच सके और किसी मरीज की जान जोखिम में न पड़े।