प्रतापपुर। ग्राम पंचायत घाट पेंडारी में सार्वजनिक उपयोग के लिए बनाए गए सामुदायिक शौचालय के कथित दुरुपयोग का मामला सामने आया है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी योजना के तहत बने शौचालय भवन का इस्तेमाल चाय-नाश्ता, अंडे और बीड़ी-सिगरेट की दुकान चलाने के लिए किया जा रहा है। मामला सामने आने के बाद जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं।

सार्वजनिक सुविधा की जगह चल रही दुकान

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क किनारे बने इस सामुदायिक शौचालय का निर्माण लोगों को सार्वजनिक स्वच्छता की सुविधा देने के उद्देश्य से किया गया था। आरोप है कि भवन का इस्तेमाल निर्धारित उद्देश्य के बजाय व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा है।

ग्रामीणों का दावा है कि भवन के अंदर काफी समय से चाय-नाश्ता, अंडे और बीड़ी-सिगरेट की बिक्री की जा रही है। उनका कहना है कि सरकारी भवन का इस तरह व्यावसायिक इस्तेमाल नियमों के विपरीत हो सकता है।

पंचायत की निगरानी व्यवस्था पर उठे सवाल

मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों ने पंचायत स्तर की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि भवन का इस्तेमाल लंबे समय से दुकान के रूप में किया जा रहा था, तो संबंधित जिम्मेदारों को इसकी जानकारी क्यों नहीं हुई।

ग्रामीणों ने सरपंच और सचिव की कार्यप्रणाली की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के लिए बने भवनों की नियमित निगरानी जरूरी है, ताकि उनका इस्तेमाल किसी दूसरे उद्देश्य के लिए न किया जाए।

कब्जा हटाकर फिर शुरू हो सामुदायिक शौचालय

ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जांच में सरकारी भवन पर अवैध कब्जे या नियमों के खिलाफ दुकान संचालन की पुष्टि होती है, तो भवन को तत्काल कब्जामुक्त कराया जाए।

इसके साथ ही सामुदायिक शौचालय को दोबारा आम लोगों के उपयोग के लिए शुरू करने और जिम्मेदार लोगों की भूमिका तय कर कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

CEO बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई

जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनिल तिवारी ने कहा है कि मामले की शिकायत की जांच कराई जाएगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सामुदायिक शौचालय भवन का उपयोग किसकी अनुमति से और कब से व्यावसायिक गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।