लखनऊ, 12 जून 2026 — समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश में शासन, जनकल्याण और लोकतांत्रिक मूल्यों की स्थिति कमजोर हुई है।
लखनऊ स्थित समाजवादी पार्टी के राज्य मुख्यालय में बोलते हुए यादव ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार प्रदेश में न तो स्पष्ट विकास दिखा पा रही है और न ही जनहित से जुड़ी प्रभावी योजनाएं जमीन पर नजर आ रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासनिक व्यवस्था में भ्रष्टाचार बढ़ा है और कानून-व्यवस्था जनता में भरोसा पैदा करने के बजाय भय का माहौल बना रही है।
अखिलेश यादव का सबसे बड़ा हमला कथित “फर्जी एनकाउंटर” को लेकर रहा। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में फर्जी एनकाउंटर कानून-व्यवस्था के मॉडल का हिस्सा बनते जा रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पुलिस कार्रवाई, प्रशासनिक दबाव और कानूनी मुकदमों का इस्तेमाल विरोध की आवाज को दबाने और आम नागरिकों को डराने के लिए किया जा रहा है।
उन्होंने बेरोजगारी और शिक्षा के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। यादव ने कहा कि युवाओं को रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं, जबकि भर्ती परीक्षाएं बार-बार पेपर लीक और रद्द होने जैसी समस्याओं से प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेजों और विश्वविद्यालयों की फीस लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों के लिए उच्च शिक्षा मुश्किल होती जा रही है।
समाजवादी पार्टी प्रमुख ने भाजपा सरकार पर संवैधानिक मूल्यों, आरक्षण व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों को कमजोर करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा अब भी गंभीर चिंता का विषय बनी हुई है, जबकि आम लोगों को थानों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों में भ्रष्टाचार और उत्पीड़न का सामना करना पड़ रहा है।
अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को एक निर्णायक राजनीतिक लड़ाई बताते हुए कहा कि यह चुनाव “लोकतंत्र बचाने” का चुनाव होगा। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा की चुनावी रणनीतियों से सतर्क रहने की अपील की और कहा कि समाजवादी पार्टी प्रदेश में मजबूती से चुनावी तैयारी कर रही है।
यादव ने दावा किया कि जनता का भरोसा समाजवादी पार्टी की ओर बढ़ रहा है और पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक वर्गों को साथ लेकर चलने वाला PDA फार्मूला प्रदेश में बदलाव के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष का लक्ष्य अब एकजुट होकर भाजपा को सत्ता से बाहर करना होना चाहिए।
भाजपा आमतौर पर विपक्ष के इन आरोपों को खारिज करती रही है और उसका दावा है कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है तथा जनकल्याणकारी योजनाओं का विस्तार हुआ है। हालांकि, अखिलेश यादव के ताजा बयान से संकेत मिलता है कि 2027 के चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था, बेरोजगारी, शिक्षा, भ्रष्टाचार और लोकतांत्रिक अधिकार जैसे मुद्दे राजनीतिक बहस के केंद्र में बने रहेंगे।





