रायपुर। कभी बस्तर के जंगलों में नक्सली गतिविधियों से जुड़ी रहीं महिलाओं की जिंदगी अब नई दिशा में आगे बढ़ रही है। राजधानी रायपुर में आयोजित स्वदेशी एक्सपो में आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौट चुकीं 9 महिलाओं ने रैंप वॉक किया। पारंपरिक कोसा साड़ी में जब ये महिलाएं पेशेवर मॉडल्स के साथ रैंप पर उतरीं तो कार्यक्रम में मौजूद लोगों का ध्यान उनकी ओर खिंच गया।

इन महिलाओं के लिए यह अनुभव इसलिए भी खास था क्योंकि रिपोर्ट के मुताबिक वे पहली बार रायपुर पहुंची थीं।


कोसा साड़ी पहनकर किया रैंप वॉक

फैशन शो में सभी 9 महिलाओं ने छत्तीसगढ़ की पारंपरिक बुनाई और कोसा सिल्क से तैयार परिधान पहने। उन्होंने पेशेवर मॉडल्स के साथ आत्मविश्वास के साथ रैंप वॉक किया।

इस आयोजन को हिंसा का रास्ता छोड़कर सामान्य जीवन की ओर बढ़ रही इन महिलाओं की नई शुरुआत के रूप में पेश किया गया।


मिस इंडिया छत्तीसगढ़ अनुष्का सोन ने की अगुवाई

फैशन शो की अगुवाई फेमिना मिस इंडिया छत्तीसगढ़ 2026 अनुष्का सोन ने की। उन्होंने आत्मसमर्पण कर चुकी महिलाओं का मार्गदर्शन किया और रैंप पर उनका हौसला बढ़ाया।

कार्यक्रम से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया, जिसके बाद इन महिलाओं के बदले हुए जीवन और आत्मविश्वास की चर्चा होने लगी।


पहली बार रायपुर पहुंचीं महिलाएं

रिपोर्ट के मुताबिक, रैंप वॉक में शामिल सभी महिलाएं पहली बार रायपुर आई थीं। बस्तर से राजधानी पहुंचना और इतने बड़े मंच पर फैशन शो में हिस्सा लेना उनके लिए बिल्कुल नया अनुभव था।

पारंपरिक परिधानों के जरिए उन्होंने छत्तीसगढ़ की हथकरघा कला और कोसा सिल्क को भी प्रदर्शित किया।


CM विष्णु देव साय ने की मुलाकात

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भी मौजूद रहे। उन्होंने आत्मसमर्पण कर मुख्यधारा में लौटी महिलाओं से मुलाकात और बातचीत की तथा उनके भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बस्तर में शांति और विकास की दिशा में हो रहे बदलाव का भी उल्लेख किया।


‘कोशल फैब’ ब्रांड की हुई शुरुआत

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ के प्रीमियम हैंडलूम उत्पादों के लिए नए ब्रांड ‘कोशल फैब’ की शुरुआत भी की।

इसके जरिए राज्य के पारंपरिक हथकरघा उत्पादों, स्थानीय बुनकरों और कोसा सिल्क को बड़े बाजार तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

रायपुर के इस फैशन शो में 9 आत्मसमर्पित महिलाओं का रैंप पर उतरना सिर्फ फैशन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसे हिंसा से दूर होकर मुख्यधारा में नई जिंदगी शुरू करने की तस्वीर के रूप में भी देखा गया।