रायपुर। छत्तीसगढ़ के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने नई कार्ययोजना तैयार की है। स्कूल परिसरों में अब बिना अनुमति यूट्यूबरों और अन्य बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 5000 शिक्षकों की भर्ती जल्द करने की तैयारी है।

स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने विभागीय समीक्षा बैठक में अधिकारियों को स्कूलों की नियमित निगरानी, शिक्षकों की जिम्मेदारी तय करने और विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

सिर्फ ऑनलाइन अटेंडेंस नहीं, पढ़ाई की भी होगी जांच

स्कूलों का निरीक्षण अब केवल शिक्षकों की उपस्थिति जांचने तक सीमित नहीं रहेगा। अधिकारियों को यह भी देखना होगा कि कक्षाओं में नियमित पढ़ाई हो रही है या नहीं और विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति कैसी है।

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से स्कूल न आएं, बल्कि बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना उनकी प्राथमिक जिम्मेदारी है। जिला और ब्लॉक स्तर के अधिकारियों को नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं।

बिना अनुमति स्कूल में यूट्यूबरों की एंट्री पर रोक

स्कूल परिसरों में वीडियो बनाने या दूसरी गतिविधियों के लिए पहुंचने वाले बाहरी लोगों को लेकर विभाग ने सख्ती के संकेत दिए हैं। निर्देश के मुताबिक यूट्यूबरों और अन्य बाहरी व्यक्तियों की अनावश्यक गतिविधियों को स्कूल परिसर में अनुमति नहीं दी जाएगी।

किसी बाहरी व्यक्ति की मौजूदगी नियम और अनुमति के अनुसार ही होगी। विभाग का उद्देश्य स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बनाए रखने के साथ विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

जल्द होगी 5000 शिक्षकों की भर्ती

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए 5000 शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे खाली पदों को भरने और विद्यार्थियों की पढ़ाई को बेहतर बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

इसके अलावा स्मार्ट क्लास और डिजिटल माध्यम से पढ़ाई को मजबूत करने की योजना है। शिक्षक की अनुपस्थिति में बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए डिजिटल शैक्षणिक सामग्री उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया है।

छात्राओं को मिलेगी कराटे की ट्रेनिंग

सरकारी स्कूलों में छात्राओं की सुरक्षा और आत्मरक्षा को ध्यान में रखते हुए कराटे प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए मास्टर ट्रेनर तैयार किए जाएंगे।

विभाग ने प्रदेश के स्कूलों में 8 हजार से अधिक नए शौचालय बनाने की योजना भी बनाई है। जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत और ज्यादा खराब स्थिति वाले भवनों के स्थान पर नए निर्माण के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।

हर स्कूल में बैंड पार्टी बनाने की तैयारी

विद्यार्थियों में अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से स्कूलों में बैंड पार्टी तैयार करने की योजना भी बनाई गई है। इसमें NCC, NSS और स्काउट-गाइड से जुड़े विद्यार्थियों को शामिल किया जाएगा।

शनिवार के बैगलेस डे पर योग, खेल और दूसरी रचनात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ मार्च पास्ट और स्थानीय खेलों को भी स्कूल गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया गया है।

हर महीने होगी स्कूलों की समीक्षा

स्कूल शिक्षा विभाग अब शिक्षा व्यवस्था की हर महीने समीक्षा करेगा। महीने के तीसरे सप्ताह में रायपुर में बैठक आयोजित कर अलग-अलग जिलों के स्कूलों की स्थिति, विद्यार्थियों की उपस्थिति और पढ़ाई की प्रगति की जानकारी ली जाएगी।

ब्लॉक और संकुल स्तर के अधिकारियों को भी स्कूलों का नियमित निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करने की जिम्मेदारी दी जाएगी। विभाग का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का स्तर सुधारने के साथ विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।