रायपुर। असम के नगांव क्षेत्र में चुनाव प्रचार के दौरान छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री एवं AICC राष्ट्रीय महासचिव भूपेश बघेल समेत कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ में विरोध तेज हो गया है। मंगलवार को रायपुर में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन करते हुए असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला दहन किया।
युवा कांग्रेस ने निष्पक्ष जांच की मांग की
युवा कांग्रेस रायपुर शहर के जिला अध्यक्ष विनोद कश्यप ने कहा कि लोकतंत्र में राजनीतिक मतभेद और विरोध स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा और भय का माहौल स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रचार के दौरान सभी राजनीतिक दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने असम में हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। युवा कांग्रेस का कहना है कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हिंसा या भय के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए।
नगांव में कांग्रेस काफिले पर पथराव का आरोप
इससे पहले नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव की घटना सामने आई थी। काफिले में भूपेश बघेल, असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, कांग्रेस प्रत्याशी सिबामोनी बोरा और AICC सचिव मनोज चौहान समेत कई नेता मौजूद थे।
कांग्रेस के मुताबिक, घटना में कुछ वाहनों के शीशे क्षतिग्रस्त हुए और एक कांग्रेस नेता के घायल होने की भी जानकारी सामने आई। गौरव गोगोई ने इस घटना के लिए भाजपा कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया है। हालांकि, घटना की परिस्थितियों और पथराव करने वाले पक्ष की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
काफिले पर कथित हमले के बाद असम के साथ-साथ छत्तीसगढ़ में भी राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस लगातार भाजपा पर हमले का आरोप लगा रही है, जबकि भाजपा की ओर से घटना को कांग्रेस के आंतरिक विवाद से जोड़कर अलग दावा किया गया है।
युवा कांग्रेस के प्रदर्शन के बाद यह मामला अब छत्तीसगढ़ की राजनीति में भी प्रमुख मुद्दा बन गया है।




