रायपुर। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने प्रदेश में 46 लाख आवासों से जुड़े दावों पर कहा कि सरकार को जनता के सामने स्पष्ट करना चाहिए कि इनमें कितने मकान वास्तव में स्वीकृत हुए, कितनों का निर्माण पूरा हो चुका है और कितने अभी निर्माणाधीन या लंबित हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर हाल के दिनों में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार राजनीतिक बहस चल रही है।
46 लाख आवास के दावे पर उठाए सवाल
भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अलग-अलग मंचों से अलग-अलग आंकड़े बताए जा रहे हैं। उनका कहना है कि इससे लाभार्थियों और आम लोगों के बीच भ्रम की स्थिति बन रही है। उन्होंने सरकार से आवासों की स्वीकृति, निर्माण और लंबित प्रकरणों का विस्तृत ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की।
केंद्र ने सितंबर में 3.65 लाख अतिरिक्त आवासों की घोषणा की
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 11 सितंबर 2026 को छत्तीसगढ़ के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत 3.65 लाख अतिरिक्त आवास दिए जाने की घोषणा की थी। उसी कार्यक्रम में करीब 2 लाख नवनिर्मित आवासों के गृह प्रवेश का भी आयोजन किया गया था।
जून तक 24.50 लाख ग्रामीण आवास स्वीकृत होने का सरकारी आंकड़ा
केंद्र सरकार द्वारा संसद में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, जून 2026 तक छत्तीसगढ़ में PMAY-G के तहत 24,50,548 आवास स्वीकृत किए जा चुके थे। इनमें से 20,02,165 आवास पूरे हो चुके थे, जबकि 4,48,383 आवास लंबित बताए गए थे। ये आंकड़े केवल प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण से संबंधित हैं, इसलिए इन्हें अन्य आवास योजनाओं या बाद की अतिरिक्त स्वीकृतियों के साथ मिलाकर देखने पर कुल संख्या अलग हो सकती है।
बघेल ने मांगा स्वीकृत और पूर्ण आवासों का हिसाब
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार को केवल कुल संख्या बताने के बजाय यह साफ करना चाहिए कि कितने लाभार्थियों को स्वीकृति मिली, कितने मकानों का निर्माण शुरू हुआ और कितने लाभार्थियों को तैयार मकान मिल चुके हैं।
उन्होंने मांग की कि योजना से जुड़े आंकड़े सार्वजनिक रूप से इस तरह जारी किए जाएं, जिससे स्वीकृत, निर्माणाधीन और पूर्ण आवासों की स्थिति अलग-अलग स्पष्ट हो सके।
PM आवास के आंकड़ों पर पहले भी हो चुकी है बहस
प्रधानमंत्री आवास योजना के आंकड़ों को लेकर सितंबर में भूपेश बघेल और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के बीच सार्वजनिक बहस भी हुई थी। उस दौरान दोनों पक्षों ने आवासों की स्वीकृति, निर्माण, केंद्रीय राशि और पूर्व तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल के आंकड़ों को लेकर अपने-अपने दावे रखे थे।
भूपेश बघेल ने अब फिर सरकार से कहा है कि प्रधानमंत्री आवास योजना से जुड़े आंकड़ों को स्पष्ट और एकरूप तरीके से जनता के सामने रखा जाए, ताकि वास्तविक स्थिति को लेकर कोई भ्रम न रहे।





