रायपुर। विश्वकर्मा जयंती के अवसर पर गुरुवार को रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में राज्य स्तरीय श्रमिक महासम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए और प्रदेश के श्रमिकों के लिए कई घोषणाएं कीं। यह आयोजन श्रमिकों के योगदान को सम्मान देने और उनके कल्याण से जुड़ी योजनाओं को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने विश्वकर्मा जयंती की शुभकामनाएं देते हुए श्रमिकों को प्रदेश के विकास का महत्वपूर्ण आधार बताया। कार्यक्रम में निर्माण, उद्योग, सेवा और अन्य क्षेत्रों से जुड़े श्रमिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
श्रमिकों के लिए तीन बड़ी घोषणाएं
मुख्यमंत्री ने महासम्मेलन में श्रमिकों के लिए श्रमिक जन सुविधा केंद्र, ई-बाइक सहायता योजना और असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ई-रिक्शा सहायता में बढ़ोतरी से जुड़ी घोषणाएं कीं। इन योजनाओं का उद्देश्य श्रमिकों को सरकारी सेवाएं आसानी से उपलब्ध कराना और उनके आवागमन व स्वरोजगार को बेहतर बनाना बताया गया।
शहरों में खुलेंगे श्रमिक जन सुविधा केंद्र
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शहरों में श्रमिक जन सुविधा केंद्र स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से श्रमिकों को पंजीयन, योजनाओं की जानकारी और अन्य जरूरी सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाएगी।
ई-बाइक खरीदने के लिए मिलेगी सहायता
सरकार ने श्रमिकों के लिए ई-बाइक सहायता योजना शुरू करने की भी घोषणा की है। योजना के जरिए पात्र श्रमिकों को ई-बाइक खरीदने में आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया जाएगा, ताकि उन्हें रोजाना काम पर आने-जाने में सुविधा मिल सके।
ई-रिक्शा के लिए अनुदान बढ़ाने की घोषणा
असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए ई-रिक्शा सहायता राशि बढ़ाने की घोषणा भी की गई। उपलब्ध जानकारी के अनुसार ई-रिक्शा के लिए ₹1 लाख तक की सहायता दिए जाने की बात कही गई है। इससे श्रमिकों को स्वरोजगार और आय के नए साधन उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
श्रमिकों के हित में योजनाओं का विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार श्रमिकों के कल्याण, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी योजनाओं को लगातार आगे बढ़ा रही है। श्रमिक महासम्मेलन के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के योगदान को भी रेखांकित किया गया।





