रायपुर। छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री और गृहमंत्री विजय शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को एक बार फिर खुली बहस की चुनौती दी है। इस बार मुद्दा नक्सलवाद और झीरम घाटी हत्याकांड से जुड़ा है। शर्मा ने कहा कि बघेल चाहें तो तैयारी के लिए एक महीने का समय ले लें और इसके बाद नक्सलवाद के मुद्दे पर सार्वजनिक बहस कर लें।


झीरम मामले को लेकर बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी

हाल में झीरम घाटी हत्याकांड पर आए अदालत के फैसले के बाद कांग्रेस और भूपेश बघेल की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी राजनीतिक बहस के बीच विजय शर्मा ने बघेल को नक्सलवाद के मुद्दे पर आमने-सामने चर्चा की चुनौती दी।

शर्मा ने कहा कि इस विषय पर बयानबाजी के बजाय तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर बहस होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बघेल को यदि तैयारी के लिए समय चाहिए तो वह एक महीने का समय ले सकते हैं।


विजय शर्मा बोले- कांग्रेस बताए किस तरह का न्याय चाहती है

गृहमंत्री विजय शर्मा ने कांग्रेस के बयानों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पार्टी को स्पष्ट करना चाहिए कि वह झीरम मामले में किस तरह का न्याय चाहती है।

उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि केवल राजनीतिक बयान देने से कोई समाधान नहीं निकलेगा और यदि किसी के पास ठोस तथ्य या प्रमाण हैं तो उन्हें संबंधित जांच एजेंसी के सामने रखा जाना चाहिए। यह विजय शर्मा का राजनीतिक बयान है।


NIA को सबूत सौंपने की कही बात

विजय शर्मा ने भूपेश बघेल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके पांच साल के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान झीरम मामले से जुड़े कथित सबूत सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए।

उन्होंने कहा कि यदि अब भी बघेल या कांग्रेस के पास कोई प्रमाण मौजूद है तो उसे राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंपा जाना चाहिए, ताकि जांच एजेंसी उस पर आगे कार्रवाई कर सके। यह दावा और आरोप विजय शर्मा की ओर से किया गया है।


पीएम आवास पर पहले हो चुकी है सीधी बहस

विजय शर्मा और भूपेश बघेल इससे पहले प्रधानमंत्री आवास योजना के मुद्दे पर भी रायपुर प्रेस क्लब में आमने-सामने बहस कर चुके हैं।

15 सितंबर को हुई उस बहस में दोनों नेताओं ने अपने-अपने आंकड़े और दावे पेश करते हुए एक-दूसरे की सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए थे। अब विजय शर्मा ने नक्सलवाद के मुद्दे पर दूसरी सार्वजनिक बहस की चुनौती दी है।


छत्तीसगढ़ की राजनीति में बढ़ा 'ओपन डिबेट' का दौर

पिछले कुछ दिनों में छत्तीसगढ़ की राजनीति में अलग-अलग मुद्दों पर खुली बहस की चुनौती देने का सिलसिला तेज हुआ है। पीएम आवास के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कोल माइंस की मंजूरी को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी सार्वजनिक बहस की बात कही थी।

अब नक्सलवाद और झीरम मामले को लेकर विजय शर्मा की नई चुनौती के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। फिलहाल भूपेश बघेल की ओर से इस नई चुनौती पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।