जांजगीर-चांपा। चांपा में करीब दो साल पहले डेयरी संचालक की हत्या और घर में लूटपाट के मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। न्यायालय ने मामले में दोषी पाए गए दीपक यादव (30) और मिर्जा शाहिद बेग (26) को आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। सुनवाई के दौरान 19 गवाहों के बयान और घटनास्थल से मिले वायर के टुकड़े आरोपियों को दोषी साबित करने में अहम साक्ष्य बने।
26 जून 2024 की रात हुई थी वारदात
मामला 26 जून 2024 की रात का है। चांपा के शंकर नगर निवासी डेयरी संचालक छोटेलाल पांडेय अपने घर में मौजूद थे। रात करीब साढ़े 9 बजे उनके भतीजे संतोष कुमार पांडेय के पास छोटेलाल के बेटे अमित पांडेय का फोन आया। फोन पर घर में किसी अनहोनी की जानकारी दी गई।
सूचना मिलने के बाद परिजन और आसपास के लोग घर पहुंचे। वहां छोटेलाल पांडेय बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले। घर की अलमारी टूटी हुई थी और घटनास्थल के आसपास वायर के कुछ टुकड़े पड़े मिले। प्रारंभिक जांच में हत्या के साथ घर से सोने-चांदी के जेवर लूटे जाने की बात सामने आई।
वायर के टुकड़ों ने आरोपियों तक पहुंचाई पुलिस
पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से मिले वायर के टुकड़ों को महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सुरक्षित किया। विवेचना आगे बढ़ने पर पुलिस दीपक यादव और मिर्जा शाहिद बेग तक पहुंची।
जांच के दौरान दीपक यादव के पास से मिले वायर के टुकड़ों का घटनास्थल से बरामद वायर से मिलान कराया गया। जांच में दोनों के आपस में मेल खाने की बात सामने आई। पुलिस ने अन्य साक्ष्य जुटाने के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
19 गवाहों के बयान, परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ियां जुड़ीं
मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। न्यायालय ने प्रस्तुत परिस्थितिजन्य साक्ष्यों और उनकी सभी कड़ियों का बारीकी से परीक्षण किया।
अदालत ने पाया कि मामले में पेश किए गए साक्ष्य एक-दूसरे से जुड़े हैं और दोनों आरोपियों द्वारा मिलकर घर में घुसकर छोटेलाल पांडेय की हत्या और लूट की वारदात को अंजाम देना संदेह से परे साबित होता है।
हत्या और लूट में उम्रकैद, घर में घुसने पर 10 साल की सजा
सेशन जज जांजगीर जयदीप गर्ग की अदालत ने दीपक यादव और मिर्जा शाहिद बेग को धारा 302/34 और 397 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
इसके साथ ही घर में घुसने के अपराध में दोनों दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा दी गई है। अदालत ने दोनों पर 10-10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।





