रायगढ़। शहर के सीएमओ तिराहा क्षेत्र से ट्रेलर का डाला चोरी करने के मामले का कोतवाली पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वारदात को सुलझाने के लिए पुलिस ने करीब 10 दिनों तक अलग-अलग स्थानों के 300 से अधिक CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले इलाके की रेकी की और फिर सुनियोजित तरीके से चोरी को अंजाम दिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चोरी का डाला खरीदने वाला एक अन्य आरोपी फरार बताया जा रहा है।

पुलिस के मुताबिक चोरी गया ट्रेलर डाला और इंजन करीब 13 लाख रुपये कीमत का है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल करीब 8 लाख रुपये की कार और आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

27 जुलाई की रात दिया वारदात को अंजाम

ट्रांसपोर्ट नगर, सारंगढ़ बस स्टैंड निवासी धीरज कुमार नवीन ने 2 अगस्त को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि ट्रेलर क्रमांक CG 12 BK 3140 का इंजन बजरंग मोटर के अंदर रखा था, जबकि उसका डाला उर्दना बैरियर से सीएमओ तिराहा के बीच सड़क किनारे खड़ा किया गया था।

27 जुलाई की शाम करीब चार बजे तक डाला मौके पर था, लेकिन 28 जुलाई की सुबह करीब आठ बजे वहां पहुंचने पर वह गायब मिला। शिकायत के आधार पर कोतवाली पुलिस ने अपराध क्रमांक 415/2026 में बीएनएस की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

300 से ज्यादा CCTV कैमरों ने दिया अहम सुराग

थाना प्रभारी निरीक्षक अमित तिवारी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच शुरू की। रात का समय होने के कारण फुटेज में वाहनों की स्पष्ट पहचान करना आसान नहीं था। इसके बावजूद पुलिसकर्मियों ने एक-एक फुटेज को जोड़ते हुए वाहनों की आवाजाही का पूरा रूट तलाशना शुरू किया।

जांच के दौरान पुलिस को फुटेज में चोरी हुआ ट्रेलर डाला CG 13 AS 8857 नंबर के ट्रेलर इंजन से जोड़कर ले जाते दिखाई दिया। इसके आगे CG 13 BA 7639 नंबर की नीले रंग की कार चल रही थी। पुलिस के मुताबिक इस कार का इस्तेमाल पायलेटिंग के लिए किया जा रहा था।

टोल और हाईवे से बचने के लिए चुने कच्चे रास्ते

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए मुख्य हाईवे और टोल नाकों से दूरी बनाई। चोरी का डाला रायपुर पहुंचाने के दौरान उन्होंने बाईपास और कच्चे रास्तों का सहारा लिया, ताकि टोल रिकॉर्ड और प्रमुख मार्गों पर लगे कैमरों से बचा जा सके।

इसके बावजूद पुलिस ने CCTV फुटेज की कड़ियां जोड़ते हुए वाहनों को रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र तक ट्रेस कर लिया। इसके बाद आरटीओ रिकॉर्ड की मदद से ट्रेलर के मालिक का पता लगाया गया।

RTO रिकॉर्ड से जसविन्दर तक पहुंची पुलिस

आरटीओ से मिली जानकारी के आधार पर ट्रेलर CG 13 AS 8857 का मालिक जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल (26) निवासी बोइरदादर, मां बिहार कॉलोनी, चक्रधरनगर रायगढ़ पाया गया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के अनुसार पूछताछ में जसविन्दर ने अपने साथी पवनदीप सिंह और संदीप कुमार खत्री के साथ वारदात को अंजाम देने की बात स्वीकार की। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने 27 जुलाई की देर रात करीब 2:30 बजे डाला चोरी किया और उसे अपने ट्रेलर इंजन से जोड़कर रायपुर ले गए।

4.30 लाख रुपये में बेचने का खुलासा

पूछताछ में पुलिस को जानकारी मिली कि चोरी के डाले को रायपुर के कबीरनगर क्षेत्र निवासी हरचरण सिंह सरदार को करीब 4 लाख 30 हजार रुपये में बेच दिया गया था। पुलिस के मुताबिक बाद में डाला बिलासपुर जिले के रतनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम बेलतरा में इंजन सहित रखा गया।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम बेलतरा पहुंची और वहां से चोरी गया ट्रेलर डाला व इंजन बरामद किया। इसकी अनुमानित कीमत करीब 13 लाख रुपये बताई गई है।

पायलेटिंग में इस्तेमाल कार भी जब्त

पुलिस ने जसविन्दर सिंह से वारदात में पायलेटिंग के लिए इस्तेमाल की गई नीले रंग की CG 13 BA 7639 कार भी जब्त की है। इसकी कीमत करीब आठ लाख रुपये आंकी गई है। आरोपियों के मोबाइल फोन भी जब्त कर उनकी आपसी बातचीत समेत अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

पुलिस के अनुसार तीनों आरोपी ड्राइविंग के पेशे से जुड़े हैं और उन्हें वाहनों तथा अलग-अलग मार्गों की अच्छी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर चोरी की योजना तैयार की गई थी। आरोपी संदीप कुमार खत्री के बारे में पुलिस ने बताया कि वह करीब दो महीने पहले मोटरसाइकिल चोरी के एक मामले में जमानत पर बाहर आया था।

तीन आरोपी गिरफ्तार, खरीदार की तलाश जारी

पुलिस ने मामले में जसविन्दर सिंह उर्फ राहुल (26), पवनदीप सिंह (32) और संदीप कुमार खत्री (29) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। वहीं चोरी का डाला खरीदने का आरोपी हरचरण सिंह सरदार फिलहाल फरार है और पुलिस उसकी तलाश कर रही है।

मामले का खुलासा एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देशन तथा एडिशनल एसपी अनिल सोनी और सीएसपी मयंक मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया। कार्रवाई में कोतवाली थाना प्रभारी अमित तिवारी, उप निरीक्षक ऐनु देवांगन, सहायक उप निरीक्षक कौशल सिंह जगत और आरक्षक उत्तम सारथी, प्रताप बेहरा व नितेश लकड़ा की भूमिका रही।