बालोद। जिले के डौंडी विकासखंड स्थित आड़ेझर गांव में पेयजल समस्या को लेकर ग्रामीणों का तीन दिनों से जारी चक्काजाम प्रशासन के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। ग्रामीण दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर बैठकर गांव में स्थायी पेयजल व्यवस्था की मांग कर रहे थे। आंदोलन के कारण खनिज परिवहन से जुड़े बड़ी संख्या में वाहनों की आवाजाही प्रभावित रही।

गांव का पानी पीने योग्य नहीं होने का दावा

ग्रामीणों का कहना है कि आड़ेझर गांव में लंबे समय से पेयजल की समस्या बनी हुई है। गांव में उपलब्ध पानी पीने योग्य नहीं है, जबकि बोरवेल से भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा। ग्रामीणों की मांग थी कि उन्हें बोइरडीही जलाशय से पेयजल उपलब्ध कराया जाए। पानी की समस्या से परेशान ग्रामीण सड़क पर उतर आए और तीन दिनों तक चक्काजाम किया।

तीन दिन तक प्रभावित रहा खनिज परिवहन

चक्काजाम के कारण महामाया, दुलकी और कलवर माइंस से कच्चा लोहा लेकर आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। रिपोर्ट के अनुसार, इससे बीएसपी के कामकाज पर भी असर पड़ा और आर्थिक नुकसान की बात सामने आई।

SDM सुरेश साहू पहुंचे मौके पर

तीन दिनों तक प्रशासन और ग्रामीणों के बीच बातचीत के बाद भी सहमति नहीं बन पाई थी। इसके बाद SDM सुरेश साहू मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से चर्चा की। उन्होंने लिखित आश्वासन दिया कि गांव में बोर खनन कराया जाएगा। यदि बोरवेल से पर्याप्त पानी नहीं मिलता है तो बोइरडीही जलाशय से पेयजल उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।

आश्वासन के बाद खुला रास्ता

प्रशासन से लिखित भरोसा मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना आंदोलन समाप्त कर दिया और सड़क से हट गए। इसके बाद दल्लीराजहरा-महामाया मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया था। आंदोलन को जिला पंचायत सदस्य नीलिमा श्याम और जनपद सदस्य तुलेश्वर हिचमी का समर्थन भी मिला।