खैरागढ़। वनांचल क्षेत्र पैलीमेटा में वन विभाग ने अवैध सागौन लकड़ी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ग्राम पंचायत के सरपंच कुमार पाल के घर से करीब 95 हजार रुपये मूल्य का सागौन चिरान जब्त किया है। विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके आधार पर टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी ली और लकड़ी बरामद की।
वन विभाग अब यह पता लगाने में जुटा है कि जब्त सागौन लकड़ी कहां से लाई गई थी और क्या इसका संबंध जंगल से अवैध कटाई से है। इसके साथ ही लकड़ी के परिवहन, चिरान तैयार करने और उसे घर तक पहुंचाने की पूरी कड़ी की जांच की जा रही है।
मुखबिर की सूचना पर पहुंची वन विभाग की टीम
विभाग को सूचना मिली थी कि जंगल से सागौन के पेड़ों की कटाई कर लकड़ी की सिल्ली तैयार की गई और बाद में उसे काटकर चिरान बनाया गया। इसी सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम पैलीमेटा पहुंची और सरपंच के घर की तलाशी ली।
तलाशी के दौरान वहां से बड़ी मात्रा में सागौन चिरान बरामद हुआ। विभाग ने लकड़ी को जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
95 हजार रुपये आंकी गई लकड़ी की कीमत
जब्त किए गए सागौन चिरान की अनुमानित कीमत करीब 95 हजार रुपये बताई गई है। वन विभाग अब लकड़ी की वास्तविक मात्रा, उसके स्रोत और उससे संबंधित वैध दस्तावेजों की जांच कर रहा है।
यदि संबंधित पक्ष लकड़ी के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाता है, तो मामले में वन अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
आसपास के जंगलों में अवैध कटाई की भी जांच
वन विभाग यह भी पता लगा रहा है कि पैलीमेटा और आसपास के वन क्षेत्र में हाल के दिनों में सागौन के पेड़ों की अवैध कटाई हुई है या नहीं। इसके लिए जंगल के संबंधित हिस्सों की जांच की जा रही है।
विभाग यह भी खंगाल रहा है कि लकड़ी काटने, चिरान तैयार करने और उसे घर तक पहुंचाने में किन लोगों की भूमिका रही। जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
DFO बोले- जांच जारी
वन मंडलाधिकारी संजय यादव के अनुसार कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की गई। सरपंच के घर से करीब 95 हजार रुपये मूल्य का सागौन चिरान जब्त किया गया है और मामले की जांच जारी है।
वन विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध कटाई और लकड़ी की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।





