मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी। साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला पुलिस ने एक अंतर्राज्यीय साइबर ठगी नेटवर्क का खुलासा किया है। पुलिस ने पश्चिम बंगाल से गिरोह के कथित मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि गिरोह से जुड़े एक वर्चुअल बैंक खाते के माध्यम से देशभर में 1 लाख 71 हजार से अधिक लोगों को निशाना बनाया गया और इस खाते से जुड़े 176 आपराधिक प्रकरण विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में दर्ज हैं।


₹3.12 लाख की ठगी से खुली नेटवर्क की परतें

मामले की शुरुआत खड़गांव थाने में दर्ज एक साइबर ठगी प्रकरण से हुई। पुलिस के अनुसार, पीड़ित से 3 लाख 12 हजार 348 रुपये की ठगी की गई थी और रकम को नौ अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर कराया गया था। जांच के दौरान पुलिस को एक वर्चुअल बैंक खाते का पता चला, जिसमें पीड़ित की रकम में से 60 हजार रुपये पहुंचे थे।


वर्चुअल खाते से जुड़ी मिलीं 176 एफआईआर

तकनीकी जांच और बैंकिंग लेन-देन के विश्लेषण में पुलिस को पता चला कि इसी वर्चुअल खाते से जुड़े मामलों में देशभर में 176 एफआईआर दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक कर्नाटक में 54, बिहार में 46 और तेलंगाना में 28 मामले दर्ज पाए गए। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, हरियाणा, तमिलनाडु, दिल्ली, पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों में भी मामले सामने आए हैं।

जिले के विभिन्न थानों में भी इस नेटवर्क से संबंधित 31 शिकायतें दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इनमें अंबागढ़ चौकी क्षेत्र से 15 और खड़गांव क्षेत्र से नौ शिकायतें शामिल हैं।


पश्चिम बंगाल से तीन आरोपी गिरफ्तार

पुलिस के मुताबिक आरोपी लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे। बैंकिंग ट्रांजेक्शन, वर्चुअल खातों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम ने उनकी गतिविधियों का पता लगाया और 30 सितंबर 2026 को पश्चिम बंगाल से तीन लोगों को गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य रजक को पुलिस ने गिरोह का मुख्य सरगना बताया है। उसके साथ कृष्णा चौधरी और सुमन वर्मा को भी गिरफ्तार किया गया है। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया।


अन्य खातों और आरोपियों की भूमिका की जांच

पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य बैंक खातों, पैसों के लेन-देन और संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ठगी की रकम आगे किन माध्यमों से भेजी जाती थी और इस नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल थे।