राजनांदगांव। शिक्षा व्यवस्था में सुधार और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के जयस्तंभ चौक पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग उठाई।


प्रदर्शन में शामिल छात्रों का कहना था कि देशभर में प्रतियोगी परीक्षाओं, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े लगातार सामने आ रहे विवादों ने युवाओं का भरोसा कमजोर किया है। उनका आरोप था कि छात्रों के भविष्य से जुड़े गंभीर मुद्दों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है, जिससे लाखों अभ्यर्थियों में निराशा बढ़ रही है।


प्रदर्शन के दौरान कई छात्रों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में वर्षों की मेहनत और लाखों रुपये खर्च होते हैं। ऐसे में यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो सबसे बड़ा नुकसान छात्रों के भविष्य को होता है। विद्यार्थियों ने परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने की मांग की।


छात्रों ने यह भी कहा कि उनका आंदोलन किसी राजनीतिक दल के समर्थन या विरोध में नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। उनका कहना था कि यदि समय रहते उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया, तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक विस्तारित किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल तैनात रहा और पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। छात्रों ने लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखते हुए सरकार से संवाद स्थापित करने और शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर ठोस निर्णय लेने की अपील की।


फिलहाल, केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग और राजनांदगांव में हुए इस प्रदर्शन पर केंद्र सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि छात्रों की मांगों पर सरकार क्या रुख अपनाती है और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।