नई दिल्ली। रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने लोकसभा में खिलाड़ियों को आधुनिक और वैज्ञानिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराने से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने खेल विज्ञान विशेषज्ञों की नियुक्ति के साथ ही स्पोर्ट्स साइकोलॉजी, न्यूट्रिशन, बायोमैकेनिक्स और परफॉर्मेंस एनालिसिस जैसी सुविधाओं को मजबूत करने को लेकर केंद्र सरकार से जानकारी मांगी।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, देश के 23 राष्ट्रीय उत्कृष्टता केंद्रों (NCOEs) में खेल विज्ञान कर्मियों के कुल 384 स्वीकृत पद हैं। इनमें फिलहाल 211 पद भरे हुए हैं, जबकि 173 पद रिक्त हैं। मंत्रालय ने बताया कि खाली पदों को लागू भर्ती नियमों के अनुसार भरने की प्रक्रिया जारी है।
छत्तीसगढ़ के खेल केंद्रों में मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ नहीं
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने छत्तीसगढ़ में संचालित SAI Training Centres और Khelo India Centres में खिलाड़ियों को मिलने वाली विशेषज्ञ सेवाओं का मुद्दा भी उठाया। विशेष रूप से खेल मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञों की उपलब्धता को लेकर सवाल किया गया।
मंत्रालय की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, वर्तमान में छत्तीसगढ़ के इन केंद्रों में मनोवैज्ञानिक और पोषण विशेषज्ञ उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में प्रदेश के खिलाड़ियों को वैज्ञानिक प्रशिक्षण के साथ विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराने की जरूरत पर जोर दिया गया।
आधुनिक खेलों में Sports Science की बढ़ी भूमिका
बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान दौर में खिलाड़ियों के प्रदर्शन को बेहतर बनाने के लिए पारंपरिक प्रशिक्षण के साथ स्पोर्ट्स साइंस, न्यूट्रिशन, साइकोलॉजी, बायोमैकेनिक्स और परफॉर्मेंस एनालिसिस की भूमिका महत्वपूर्ण हो गई है।
उन्होंने छत्तीसगढ़ के खिलाड़ियों को भी आधुनिक खेल विज्ञान से जुड़ी सुविधाएं और विशेषज्ञ सहयोग उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई, ताकि उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के अनुरूप प्रशिक्षण मिल सके।
खेल विज्ञान का ढांचा मजबूत करने की तैयारी
लोकसभा में खेल विज्ञान व्यवस्था को दीर्घकालिक और संस्थागत स्वरूप देने तथा चिकित्सा, शैक्षणिक और अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ाने का विषय भी सामने आया।
केंद्र सरकार ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) के भर्ती नियमों में हाल ही में संशोधन किया गया है। इसके साथ ही Sports Science Associates और Performance Analysts की सेवाओं तथा प्रमुख चिकित्सा, शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों के साथ समझौते के जरिए खेल विज्ञान से जुड़े ढांचे को मजबूत करने की दिशा में काम किया जा रहा है।
सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। प्रदेश के खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय प्रशिक्षण के साथ आधुनिक खेल विज्ञान, पोषण और मनोवैज्ञानिक सहयोग उपलब्ध कराने की जरूरत है, जिससे वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकें।





