मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त का जीवन उतार-चढ़ाव, विवादों और संघर्षों से भरा रहा है। फिल्मी परिवार में जन्म लेने के बावजूद उनकी निजी जिंदगी कई कठिन दौरों से गुजरी। मां नरगिस के निधन के बाद वे मानसिक रूप से बुरी तरह टूट गए और इसी दौरान ड्रग्स की लत का शिकार हो गए। 29 जुलाई को जन्मे संजय दत्त ने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत 'रॉकी' से की, लेकिन पर्दे के पीछे उनकी जिंदगी लगातार विवादों में रही।

मां की मौत के बाद बदल गई जिंदगी

संजय दत्त अपनी मां नरगिस के बेहद करीब थे। फिल्म 'रॉकी' की रिलीज से ठीक पहले नरगिस का निधन हो गया, जिसने उन्हें गहरे सदमे में डाल दिया। इस कठिन दौर में वे नशे की गिरफ्त में आ गए और लंबे समय तक ड्रग्स की लत से जूझते रहे। बाद में उन्होंने इलाज कराया और इस आदत से बाहर निकलने में सफलता हासिल की।

रिश्तों और विवादों ने भी बटोरी सुर्खियां

संजय दत्त का नाम कई अभिनेत्रियों के साथ जुड़ा। टीना मुनीम और माधुरी दीक्षित के साथ उनके रिश्ते लंबे समय तक चर्चा में रहे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टीना मुनीम और राजेश खन्ना के रिश्ते की खबरों से नाराज होकर संजय दत्त एक बार फिल्म के सेट पर पहुंच गए थे। हालांकि, इस घटना को लेकर अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

1993 मुंबई ब्लास्ट केस से बढ़ीं मुश्किलें

संजय दत्त का नाम 1993 मुंबई बम विस्फोट मामले से जुड़ने के बाद उनकी जिंदगी ने बड़ा मोड़ लिया। उन्हें अवैध हथियार रखने के मामले में कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा और जेल भी जाना पड़ा। इस मामले ने उनके करियर और निजी जीवन दोनों को गहराई से प्रभावित किया।

संघर्षों के बाद बनाई अलग पहचान

कई विवादों और मुश्किलों के बावजूद संजय दत्त ने हार नहीं मानी। 'खलनायक', 'वास्तव', 'मुन्ना भाई एमबीबीएस', 'लगे रहो मुन्ना भाई' और 'अग्निपथ' जैसी फिल्मों में दमदार अभिनय से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी अलग पहचान बनाई। आज वे हिंदी सिनेमा के सबसे लोकप्रिय और प्रभावशाली अभिनेताओं में गिने जाते हैं।

संजय दत्त की जिंदगी इस बात का उदाहरण है कि कठिन परिस्थितियों, विवादों और असफलताओं के बावजूद दृढ़ इच्छाशक्ति और मेहनत के दम पर नई शुरुआत की जा सकती है।