रायपुर। छत्तीसगढ़ के प्रशासनिक गलियारों में 19 IAS और IPS अधिकारियों की कथित बेनामी संपत्ति और निवेश को लेकर चर्चाएं तेज हैं। दावा किया गया है कि इन अधिकारियों से जुड़ी संपत्तियों, निवेश और कथित अवैध कमाई से संबंधित दस्तावेज तैयार किए गए हैं और इन्हें केंद्रीय जांच एजेंसियों को भेजने की तैयारी है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित अधिकारियों या एजेंसियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी सामने नहीं आई है।


19 अधिकारियों से जुड़ी जानकारी जुटाने का दावा

बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता के पास 19 IAS-IPS अधिकारियों और उनसे जुड़े लोगों की कथित संपत्तियों व निवेश का विवरण है। आरोप है कि कथित अवैध कमाई को अपने या परिजनों के नाम पर संपत्तियों और अन्य निवेश माध्यमों में लगाया गया।


तीन बड़े बिल्डरों के जरिए निवेश का आरोप

यह भी दावा किया गया है कि कथित रकम का एक हिस्सा राजधानी के कुछ बड़े बिल्डरों के यहां निवेश किया गया। हालांकि, ये आरोप फिलहाल दावों पर आधारित हैं और किसी जांच एजेंसी द्वारा सार्वजनिक रूप से सत्यापित नहीं किए गए हैं।


ED, आयकर विभाग समेत कई एजेंसियों को भेजी जा सकती है शिकायत

शिकायत के साथ शपथ पत्र और दस्तावेजी साक्ष्य तैयार किए जाने की बात कही गई है। इन्हें प्रवर्तन निदेशालय (ED), आयकर विभाग, राजस्व गुप्तचर निदेशालय (DRI) समेत केंद्र सरकार की अन्य एजेंसियों और वरिष्ठ अधिकारियों को भेजे जाने का दावा है।


बेनामी संपत्ति और मनी लॉन्ड्रिंग के पहलुओं पर हो सकती है जांच

अगर केंद्रीय एजेंसियां शिकायत को संज्ञान में लेती हैं, तो कथित बेनामी संपत्ति, धन के स्रोत और निवेश के तरीकों की जांच PMLA और बेनामी संपत्ति से जुड़े कानूनों के तहत की जा सकती है। फिलहाल ऐसी किसी कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


मंत्री और अधिकारी के बीच टकराव की भी चर्चा

मामले के साथ एक महत्वपूर्ण निगम के एमडी और विभागीय मंत्री के बीच कथित मतभेदों की चर्चा भी सामने आई है। दावा है कि मंत्री के निर्देशों के बावजूद अधिकारी स्वतंत्र तरीके से काम कर रहे हैं। हालांकि, इस संबंध में भी कोई आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

फिलहाल पूरे मामले में किसी भी अधिकारी के खिलाफ जांच या कार्रवाई की आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। संबंधित एजेंसियों के स्तर पर शिकायत स्वीकार होने और जांच शुरू होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।