रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजनीति में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर शुरू हुई बहस अब सोशल मीडिया की जंग में बदल गई है। रायपुर प्रेस क्लब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के बीच पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर तीखी बहस के बाद भाजपा और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं। दोनों दल अब पोस्टर और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए एक-दूसरे पर निशाना साध रहे हैं।

रायपुर प्रेस क्लब में मंगलवार को पीएम आवास योजना को लेकर आयोजित चर्चा के दौरान दोनों नेताओं ने अपनी-अपनी सरकारों के कामकाज और आंकड़ों को सामने रखते हुए एक-दूसरे के दावों पर सवाल उठाए। चर्चा के दौरान माहौल कई बार गर्म हुआ और दोनों नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली।


BJP ने पोस्टर जारी कर भूपेश बघेल पर कसा तंज

बहस के बाद भाजपा ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को निशाने पर लिया। भाजपा की ओर से साझा किए गए एक पोस्टर में लिखा गया, “तुम्हारी इनकमिंग भी जनता ने बंद कर दी है मिस्टर ATM, अगली बार राहुल गांधी को भेजना।”

भाजपा ने एक अन्य पोस्टर में भी कांग्रेस और भूपेश बघेल पर हमला बोला। इसमें लिखा गया, “हवाबाजी का हुआ बंटाधार, भ्रम का गुब्बारा फूटा सही आंकड़ों के साथ।”

इन पोस्टरों के जरिए भाजपा ने यह संदेश देने की कोशिश की कि पीएम आवास योजना को लेकर सरकार की ओर से पेश किए गए आंकड़े सही हैं और विपक्ष इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है।


भूपेश बघेल ने भी किया पलटवार

भाजपा के पोस्टर हमले के बाद पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी सोशल मीडिया के जरिए जवाब दिया। उन्होंने पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा पर तंज कसते हुए लिखा, “अगली बार किसी समझदार को भेजना। ‘छोटा रिचार्ज’ रील के लिए ही ठीक है।”

भूपेश बघेल की इस टिप्पणी के बाद राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई। कांग्रेस समर्थकों ने जहां इसे भाजपा पर करारा पलटवार बताया, वहीं भाजपा नेताओं ने भी सोशल मीडिया पर जवाबी टिप्पणियां शुरू कर दीं।


पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर हुई थी बहस

दरअसल, विवाद की शुरुआत पीएम आवास योजना के तहत स्वीकृत और निर्मित मकानों के आंकड़ों को लेकर हुई। मंत्री विजय शर्मा ने चर्चा के दौरान सरकार की ओर से आंकड़े पेश करते हुए पिछली कांग्रेस सरकार पर निशाना साधा। उनका दावा था कि मौजूदा सरकार ने पीएम आवास के कार्यों को तेजी दी है और बड़ी संख्या में हितग्राहियों को इसका लाभ मिल रहा है।

दूसरी ओर, भूपेश बघेल ने सरकार के आंकड़ों और दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार आंकड़ों को अपने पक्ष में पेश कर रही है और वास्तविक स्थिति अलग है।


राजनीतिक बहस अब सोशल मीडिया तक पहुंची

प्रेस क्लब में हुई आमने-सामने की बहस के बाद मामला अब राजनीतिक पोस्टर वार में बदल चुका है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक-दूसरे के नेताओं पर तंज कस रहे हैं। इससे साफ है कि पीएम आवास का मुद्दा आने वाले दिनों में भी छत्तीसगढ़ की राजनीति में गर्म बना रह सकता है।

पीएम आवास योजना को लेकर शुरू हुआ आंकड़ों का विवाद अब सिर्फ नीतिगत बहस तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह दोनों प्रमुख दलों के बीच प्रतिष्ठा की लड़ाई का रूप लेता दिखाई दे रहा है।