रायपुर। छत्तीसगढ़ में NEET UG काउंसलिंग 2026 के दौरान मूल निवासी प्रमाण-पत्र समेत अन्य दस्तावेजों की जांच और मेडिकल कॉलेजों की प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। इसी मुद्दे पर कांग्रेस की छात्र इकाई NSUI मंगलवार को NEET छात्रों के साथ रायपुर में प्रदर्शन करने की तैयारी में है। संगठन ने मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने की मांग उठाई है।
जानकारी के मुताबिक, NSUI कार्यकर्ता और छात्र घड़ी चौक से स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के सरकारी आवास की ओर मार्च करेंगे और घेराव का प्रयास करेंगे। NSUI की मांग है कि मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया में दस्तावेजों की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जाए।
स्वास्थ्य मंत्री बोले- युवाओं को भ्रमित करने का प्रयास
प्रस्तावित प्रदर्शन पर स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग Gen-Z युवाओं को भ्रमित करने और मेडिकल प्रवेश प्रक्रिया को विवादों में लाने का प्रयास कर रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि प्रवेश प्रक्रिया अभी शुरू भी नहीं हुई है और उससे पहले ही प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग प्रक्रिया को लेकर भ्रम पैदा कर इसमें देरी कराने की कोशिश कर रहे हैं।
एडमिशन प्रक्रिया में राजस्व विभाग की टीम भी रहेगी शामिल
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश प्रक्रिया को लेकर सतर्क है। इस बार दस्तावेजों के सत्यापन में राजस्व विभाग की टीम को भी शामिल किया जाएगा, ताकि अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत प्रमाण-पत्रों की गहन जांच की जा सके।
उन्होंने कहा कि दस्तावेजों में किसी भी तरह की गड़बड़ी मिलने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रवेश प्रक्रिया में किसी प्रकार की खामी नहीं छोड़ी जाएगी।
मूल निवासी और कैटेगरी प्रमाण-पत्र की होगी जांच
स्वास्थ्य मंत्री के मुताबिक, मेडिकल प्रवेश के दौरान होने वाले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में मूल निवासी प्रमाण-पत्र और कैटेगरी/संवर्ग प्रमाण-पत्र की भी जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आरक्षित या निर्धारित सीटों का लाभ केवल पात्र अभ्यर्थियों को मिले।
प्रदेश में पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी
स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के विस्तार को लेकर भी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य में एक साथ पांच नए मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी है।
इसके अलावा इस वर्ष 7 फिजियोथेरेपी कॉलेज और 14 नर्सिंग कॉलेज शुरू किए जाने की बात कही गई है। वहीं, प्रदेश के 10 मेडिकल कॉलेजों में पैरामेडिकल कोर्स भी शुरू करने की तैयारी है। सरकार का दावा है कि इन संस्थानों और नए पाठ्यक्रमों से प्रदेश में चिकित्सा शिक्षा के अवसर बढ़ेंगे।





