रायपुर। असम के नगांव लोकसभा उपचुनाव के प्रचार के दौरान कांग्रेस नेताओं के काफिले पर कथित पथराव की घटना को लेकर छत्तीसगढ़ में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी अपने अंदरूनी विवादों और गुटबाजी की जिम्मेदारी दूसरों पर डालने की कोशिश कर रही है।

असम में कांग्रेस ने भाजपा समर्थकों पर काफिले को निशाना बनाने का आरोप लगाया है। वहीं असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने घटना को कांग्रेस के भीतर की गुटबाजी से जोड़ा है। दोनों पक्षों के दावे एक-दूसरे से अलग हैं।


संतोष पाण्डेय बोले- कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का परिणाम

रायपुर के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पत्रकारों से चर्चा करते हुए संतोष पाण्डेय ने दावा किया कि असम में हुआ घटनाक्रम कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी का नतीजा है।

उन्होंने कहा कि सामने आए वीडियो में कांग्रेस के झंडे दिखाई दे रहे हैं और विवाद में कांग्रेस से जुड़े लोग नजर आ रहे हैं। पाण्डेय ने कांग्रेस नेतृत्व से पहले अपने संगठन के भीतर के मतभेदों को देखने की बात कही।

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने भी घटना को कांग्रेस के अलग-अलग गुटों के बीच टकराव बताया है, जबकि कांग्रेस ने इस दावे को खारिज करते हुए भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमला करने का आरोप लगाया है।


भूपेश बघेल को लेकर भी किया हमला

संतोष पाण्डेय ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के भीतर अलग-अलग राज्यों में विवाद की स्थिति सामने आती रही है। उन्होंने बिहार के एक पुराने राजनीतिक घटनाक्रम का भी उल्लेख किया और आरोप लगाया कि बघेल जहां संगठनात्मक जिम्मेदारी संभालते हैं, वहां कांग्रेस के भीतर मतभेद उभरते हैं।

भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी भूपेश बघेल को लेकर राजनीतिक टिप्पणी की है। भाजपा नेताओं का कहना है कि असम की घटना को कांग्रेस को अपने आंतरिक मतभेदों के संदर्भ में भी देखना चाहिए।


बस्तर की स्थिति को लेकर पूर्व कांग्रेस सरकार पर सवाल

भाजपा सांसद ने छत्तीसगढ़ की पिछली कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए बस्तर की कानून-व्यवस्था और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।

उन्होंने दावा किया कि पूर्ववर्ती सरकार के दौरान बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जैसे इलाकों में शाम के समय आवाजाही कठिन थी और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के लिए अंदरूनी क्षेत्रों तक पहुंचना चुनौतीपूर्ण रहता था।

पाण्डेय ने वर्तमान स्थिति को बेहतर बताते हुए दावा किया कि अब बस्तर के कई दूरस्थ क्षेत्रों के साथ मानपुर-मोहला सहित अन्य इलाकों में आवाजाही बढ़ी है। यह भाजपा नेता का राजनीतिक दावा है।


कश्मीर की पत्थरबाजी के पुराने मुद्दे का भी किया जिक्र

संतोष पाण्डेय ने कश्मीर में पत्थरबाजी से जुड़े पुराने राजनीतिक बयानों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने वर्ष 2017 में कांग्रेस नेता सैफुद्दीन सोज से जुड़े एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस को असम की घटना पर प्रतिक्रिया देने से पहले अपने पुराने राजनीतिक रुख पर भी विचार करना चाहिए।


दीपक बैज के आरोपों पर भी पलटवार

पाण्डेय ने छत्तीसगढ़ कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के आरोपों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सरगुजा में कांग्रेस नेताओं टीएस सिंहदेव और बृहस्पति सिंह के बीच पुराने राजनीतिक विवाद का उल्लेख करते हुए पार्टी की आंतरिक राजनीति पर सवाल उठाए।

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को अपने प्रशिक्षण शिविरों में कार्यकर्ताओं से पहले नेताओं को आपसी गुटबाजी से बचने का पाठ पढ़ाना चाहिए।

भाजपा सांसद ने कहा कि उनकी पार्टी विकास और सुशासन के मुद्दों को लेकर जनता के बीच काम कर रही है, जबकि कांग्रेस के भीतर लगातार संगठनात्मक विवाद सामने आ रहे हैं। यह भाजपा पक्ष का राजनीतिक दावा है।