रायपुर। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ भाजपा का प्रदेश प्रभारी बनाए जाने के बाद प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी कर महंगाई, गैस सिलेंडर और कोयला खदान से जुड़े मुद्दों को लेकर भाजपा और स्मृति ईरानी पर सवाल उठाए। इसके जवाब में उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि स्मृति ईरानी की नियुक्ति से विपक्ष की बेचैनी दिखाई दे रही है।

कांग्रेस ने पोस्टर जारी कर उठाए सवाल

छत्तीसगढ़ कांग्रेस ने स्मृति ईरानी के पुराने राजनीतिक बयानों और महंगाई के खिलाफ उनके प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया पर पोस्टर जारी किया। कांग्रेस ने गैस सिलेंडर और चीनी की कीमतों का मुद्दा उठाने के साथ ही प्रदेश में कोयला खदानों और आदिवासियों के विरोध से जुड़े सवाल भी किए हैं। कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि पार्टी महंगाई के मुद्दे पर स्मृति ईरानी और भाजपा से सवाल करेगी।

अरुण साव बोले- कांग्रेस को अमेठी की हार याद आ रही

कांग्रेस के पोस्टर पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने स्मृति ईरानी की वर्ष 2019 में अमेठी लोकसभा सीट पर राहुल गांधी के खिलाफ जीत का उल्लेख किया। साव ने दावा किया कि स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ प्रभारी बनने के बाद कांग्रेस की प्रतिक्रिया उसी राजनीतिक मुकाबले की याद को दर्शाती है।

अरुण साव ने कहा कि स्मृति ईरानी केंद्र सरकार में महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं और उन्हें संगठन व सरकार में काम करने का लंबा अनुभव है। उनके अनुसार, स्मृति ईरानी के प्रदेश प्रभारी बनने से छत्तीसगढ़ भाजपा संगठन को उनके राजनीतिक और संगठनात्मक अनुभव का लाभ मिलेगा।

स्मृति ईरानी प्रभारी, सिद्धार्थ शंभू सह-प्रभारी

भाजपा ने संगठनात्मक बदलाव के तहत स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी और सिद्धार्थ शंभू को सह-प्रभारी नियुक्त किया है। यह नियुक्ति भाजपा द्वारा 23 सितंबर को विभिन्न राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के लिए घोषित प्रभारियों और सह-प्रभारियों की सूची का हिस्सा है।

निकाय चुनाव को लेकर भी बढ़ी सियासी हलचल

प्रदेश में आगामी निकाय चुनावों को लेकर भी भाजपा और कांग्रेस की राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। अरुण साव ने कहा कि भाजपा ने 15 निकायों में होने वाले चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है और पार्टी अपने कामकाज को लेकर जनता के बीच जाएगी। चुनावी प्रदर्शन को लेकर किया गया उनका दावा भाजपा का राजनीतिक आकलन है।

स्मृति ईरानी की नई जिम्मेदारी के बाद अब छत्तीसगढ़ में भाजपा और कांग्रेस के बीच महंगाई, संगठन और आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने के संकेत हैं।