रायपुर। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर सियासत तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बीच इस मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती के बाद मंगलवार को रायपुर प्रेस क्लब में दोनों नेताओं के आमने-सामने आने की चर्चा है। इसी बीच आवास निर्माण से जुड़े सरकारी आंकड़े भी सामने आए हैं, जिससे राजनीतिक बहस और तेज हो गई है।

पीएम आवास के मुद्दे पर एक-दूसरे को दी चुनौती

पीएम आवास के आंकड़ों को लेकर दोनों नेताओं के बीच पिछले कुछ दिनों से बयानबाजी चल रही है। विजय शर्मा ने दावा किया था कि वर्तमान सरकार ने पहली कैबिनेट बैठक में 18 लाख आवासों से संबंधित निर्णय लिया और अब तक करीब 11 लाख आवास पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने भूपेश बघेल को किसी भी मंच पर इस मुद्दे पर बहस की चुनौती दी थी। वहीं बघेल ने भी चुनौती स्वीकार करते हुए चर्चा के लिए तैयार होने की बात कही।

जानकारी के मुताबिक, विजय शर्मा का मंगलवार को सुबह करीब 11:30 बजे रायपुर प्रेस क्लब पहुंचने का कार्यक्रम था। हालांकि कांग्रेस का कहना था कि सुबह 10 बजे तक भूपेश बघेल को सरकार, विजय शर्मा या प्रेस क्लब की ओर से बहस के संबंध में कोई औपचारिक आमंत्रण नहीं मिला था। कांग्रेस ने कहा कि आमंत्रण मिलने पर बघेल चर्चा में शामिल होंगे।

2025-26 में 5.92 लाख से अधिक आवास पूरे

इस राजनीतिक खींचतान के बीच विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत छत्तीसगढ़ में वर्ष 2025-26 के दौरान 5,92,508 आवास पूरे किए गए। रिपोर्ट में इसे सूचीबद्ध प्रमुख राज्यों में सर्वाधिक बताया गया है। इसी अवधि में मध्य प्रदेश में 4,90,185 और महाराष्ट्र में 4,42,074 आवास पूरे होने का आंकड़ा दिया गया है।

आंकड़ों के मुताबिक छत्तीसगढ़ में वर्ष 2023-24 में 1,54,789, वर्ष 2024-25 में 2,52,771 और वर्ष 2025-26 में 5,92,508 आवास पूरे हुए। वहीं वर्ष 2026-27 में अब तक 1,98,414 आवास पूर्ण होने की जानकारी दी गई है।

2026-27 के लिए 3.65 लाख आवास का लक्ष्य

विभागीय रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए 3,65,179 आवासों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इनमें से अब तक करीब 54.3 प्रतिशत, यानी 1,98,414 आवास पूरे होने का दावा है। इसके अलावा पीएम जनमन योजना के तहत स्वीकृत 34,461 आवासों में से 24,025 मकान पूरे किए जा चुके हैं।पीएम आवास योजना के आंकड़ों को लेकर अब सियासी नजरें रायपुर प्रेस क्लब पर टिकी हैं। दोनों नेताओं के बीच आमने-सामने चर्चा होती है तो आवास स्वीकृति, निर्माण और अलग-अलग सरकारों के कार्यकाल के आंकड़े बहस का प्रमुख मुद्दा बन सकते हैं।