रायपुर। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग की पढ़ाई का सपना देख रहे हजारों विद्यार्थियों की चिंता बढ़ गई है। भारतीय नर्सिंग काउंसिल (INC) की कार्रवाई के बाद राज्य के 42 नर्सिंग संस्थानों की मान्यता और संचालन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं चिकित्सा शिक्षा संचालनालय (DME) की ओर से अभी तक काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया की स्पष्ट समय-सारिणी सामने नहीं आने से छात्रों में असमंजस बना हुआ है।
30 सितंबर तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान
रिपोर्ट के मुताबिक, INC की 5 जुलाई 2021 की अधिसूचना के आधार पर नर्सिंग का शैक्षणिक सत्र 1 अगस्त से शुरू करने और प्रवेश प्रक्रिया 30 सितंबर तक पूरी करने का प्रावधान बताया गया है। इसमें आवेदन, मेरिट सूची, काउंसलिंग, सीट आवंटन और कॉलेज में प्रवेश जैसे चरण शामिल हैं। ऐसे में देरी होने पर विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है।
42 नर्सिंग संस्थान सूची से बाहर
भारतीय नर्सिंग काउंसिल ने छत्तीसगढ़ के 42 नर्सिंग संस्थानों को मान्यता या अपनी सूची से हटाने की कार्रवाई की है। इनमें रायपुर के 15 कॉलेज भी बताए जा रहे हैं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि इस कार्रवाई का मौजूदा और नए विद्यार्थियों के प्रवेश तथा पढ़ाई पर क्या असर पड़ेगा।
राज्य में बड़ी संख्या में संचालित हो रहे नर्सिंग कॉलेज
छत्तीसगढ़ में सरकारी और निजी मिलाकर बड़ी संख्या में नर्सिंग कॉलेज संचालित हैं, जहां बीएससी नर्सिंग, पोस्ट बेसिक बीएससी नर्सिंग और जीएनएम जैसे पाठ्यक्रम चलाए जाते हैं। रिपोर्ट में राज्य में 90 से अधिक निजी नर्सिंग कॉलेज और करीब 13 से 17 सरकारी कॉलेज संचालित होने का उल्लेख है।
कॉलेजों की जानकारी और नियमों के पालन पर सवाल
नर्सिंग संस्थानों की मान्यता और नियमों के पालन को लेकर पहले भी विभागीय स्तर पर सवाल उठते रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ कॉलेजों से उनके पते और अन्य जरूरी जानकारियां मांगी गई थीं, लेकिन कई बार पत्र भेजे जाने के बावजूद जवाब नहीं मिलने की बात सामने आई है। इससे निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फीस, हॉस्टल और भविष्य को लेकर छात्र परेशान
प्रवेश प्रक्रिया में देरी से छात्रों के सामने कई व्यावहारिक परेशानियां भी खड़ी हो सकती हैं। इनमें फीस जमा करने, हॉस्टल की व्यवस्था और पढ़ाई शुरू होने की तारीख को लेकर अनिश्चितता शामिल है। यदि दूसरे संस्थानों में प्रवेश की समय सीमा निकल जाती है तो छात्रों के विकल्प भी सीमित हो सकते हैं।
DME से जल्द शेड्यूल जारी करने की मांग
विद्यार्थियों की मांग है कि DME जल्द से जल्द काउंसलिंग और एडमिशन का पूरा शेड्यूल जारी करे। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाए कि किन कॉलेजों पर कार्रवाई हुई है, कितने विद्यार्थी प्रभावित हो सकते हैं और शैक्षणिक सत्र कब से शुरू होगा।
फिलहाल छात्रों की नजर DME के अगले आदेश और प्रवेश प्रक्रिया की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई है।





