उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में रहस्यमयी बाघिन की दस्तक, वन विभाग भी हैरान
रायपुर। छत्तीसगढ़ के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व में एक रहस्यमयी बाघिन की मौजूदगी ने वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञों की चिंता के साथ उत्सुकता भी बढ़ा दी है। करीब चार साल उम्र की इस मादा बाघिन का अब तक कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं मिला है। न उसके पंजों के निशान किसी डेटाबेस में दर्ज हैं और न ही उसकी धारियों का पैटर्न देश के किसी टाइगर आर्काइव से मेल खा रहा है।
रायपुर से लगभग 160 किलोमीटर दूर स्थित यह टाइगर रिजर्व लंबे समय से बाघों की घटती संख्या की समस्या से जूझ रहा था। ऐसे में इस नई बाघिन की मौजूदगी ने जंगल में एक नई उम्मीद जगा दी है। वन विभाग का मानना है कि यदि बाघिन यहां स्थायी रूप से रह रही है, तो यह क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन और वन्यजीव संरक्षण के लिए सकारात्मक संकेत हो सकता है।
जनवरी में पहली बार कैमरे में आई नजर
वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, इस बाघिन की पहली तस्वीर जनवरी महीने में कैमरा ट्रैप में कैद हुई थी। इसके बाद अप्रैल और मई में भी उसकी कई तस्वीरें सामने आईं। लगातार मिल रही तस्वीरों से यह साफ हो गया कि बाघिन उदंती-सीतानदी के जंगलों में सक्रिय और स्थायी रूप से मौजूद है।
विशेषज्ञ अब यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि यह बाघिन आखिर आई कहां से है और क्या वह किसी दूसरे टाइगर रिजर्व से भटककर यहां पहुंची है।





