रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की धीमी रफ्तार ने किसानों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। जून माह में अब तक राज्य में सामान्य से लगभग 67 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे कई इलाकों में सूखे जैसी स्थिति बनने लगी है। मौसम विभाग ने राज्य को "लार्ज डिफिशिएंट" श्रेणी में रखा है, जो गंभीर वर्षा कमी का संकेत माना जाता है।

बारिश की कमी का सबसे अधिक असर खरीफ फसलों की बुवाई पर पड़ रहा है। खेतों में पर्याप्त नमी नहीं होने से किसान रोपाई और अन्य कृषि कार्य शुरू नहीं कर पा रहे हैं। कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए हैं।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मानसून की प्रगति फिलहाल धीमी है, लेकिन आगामी दिनों में कुछ क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक गरज-चमक और हल्की से मध्यम वर्षा की संभावना जताई है तथा किसानों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी है।

राज्य सरकार भी मौसम संबंधी चेतावनियों और पूर्वानुमानों को लोगों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और मोबाइल ऐप के जरिए जागरूकता अभियान चला रही है, ताकि संभावित मौसमीय चुनौतियों से समय रहते निपटा जा सके।