रायपुर। छत्तीसगढ़ के मंत्री टंकराम वर्मा का एक अलग और सुरों से सजा अंदाज देखने को मिला। उन्होंने हारमोनियम बजाते हुए छत्तीसगढ़ी लोकगीत “मोर संग चलव जी, मोर संग चलव गा” गाकर लोगों का मन मोह लिया।

यह गीत छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय लोकगायक मस्तुरिया की यादों से जुड़ा हुआ माना जाता है। मंत्री वर्मा ने जब हारमोनियम की धुन पर यह गीत गाया, तो माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग गया। वहां मौजूद लोगों ने उनके इस अंदाज की सराहना की।

टंकराम वर्मा राजनीति के साथ-साथ लोक संस्कृति और संगीत से अपने जुड़ाव के लिए भी जाने जाते हैं। उनके इस गायन ने एक बार फिर यह दिखाया कि छत्तीसगढ़ की लोकधुनें आज भी लोगों के दिलों में खास जगह रखती हैं।

कार्यक्रम के दौरान मंत्री वर्मा सहज अंदाज में नजर आए। उन्होंने न केवल गीत गाया, बल्कि हारमोनियम बजाकर छत्तीसगढ़ी लोकसंगीत के प्रति अपना लगाव भी जाहिर किया। उनके इस वीडियो और प्रस्तुति की चर्चा लोगों के बीच बनी हुई है।

छत्तीसगढ़ की लोक संस्कृति में मस्तुरिया के गीतों का विशेष स्थान है। “मोर संग चलव जी, मोर संग चलव गा” जैसे गीत आज भी गांव-गांव में गुनगुनाए जाते हैं। मंत्री टंकराम वर्मा की प्रस्तुति ने लोककला और जनप्रतिनिधि के सहज मानवीय पक्ष को एक साथ सामने रखा।

मंत्री टंकराम वर्मा ने हारमोनियम बजाते हुए मस्तुरिया का प्रसिद्ध छत्तीसगढ़ी गीत “मोर संग चलव जी, मोर संग चलव गा” गाया। उनके इस सुरों से सजे अंदाज की चर्चा हो रही है।