रायपुर। किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद और उर्वरक उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कृषि विभाग ने खाद-उर्वरक दुकानों पर छापामार कार्रवाई की। जांच के दौरान कई दुकानों में अनियमितताएं सामने आईं। इसके बाद विभाग ने दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं, जबकि तीन दुकानदारों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
कृषि विभाग की टीम ने अलग-अलग खाद-उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक रजिस्टर, विक्रय रजिस्टर, बिलिंग व्यवस्था, भंडारण, मूल्य सूची और लाइसेंस संबंधी दस्तावेजों की जांच की गई। जांच में कुछ दुकानों में नियमों का पालन नहीं किए जाने की बात सामने आई।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार, किसानों को निर्धारित दर पर खाद उपलब्ध कराना और उर्वरकों की कालाबाजारी रोकना विभाग की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से दुकानों की नियमित जांच की जा रही है। जिन दुकानों में गड़बड़ी पाई गई है, उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।
निरीक्षण के दौरान दो खाद-उर्वरक दुकानों में गंभीर अनियमितताएं मिलने पर उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए। वहीं, तीन अन्य दुकानदारों को नोटिस जारी कर निर्धारित समय में स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए गए हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ भी आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
कृषि विभाग ने खाद विक्रेताओं को चेतावनी दी है कि किसानों से अधिक कीमत वसूलने, बिना बिल खाद बेचने, स्टॉक छिपाने या लाइसेंस शर्तों का उल्लंघन करने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने किसानों से भी अपील की है कि वे खाद खरीदते समय बिल जरूर लें और किसी भी गड़बड़ी की जानकारी तुरंत संबंधित अधिकारियों को दें।
अधिकारियों का कहना है कि खरीफ सीजन को देखते हुए खाद-उर्वरक की उपलब्धता और वितरण व्यवस्था पर विशेष नजर रखी जा रही है। किसानों को समय पर और उचित दर पर खाद मिले, इसके लिए जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कृषि विभाग की छापामार कार्रवाई में खाद-उर्वरक दुकानों में अनियमितताएं मिलीं। दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं, जबकि तीन दुकानदारों को नोटिस जारी किया गया है।





