खैरागढ़। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले में साइबर ठगी के एक बड़े मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। थाना खैरागढ़ और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने खाद और कृषि दवाइयों की सप्लाई के नाम पर 5.40 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले आरोपी को उत्तर प्रदेश के मैनपुरी से गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 12 एटीएम कार्ड, दो बैंक पासबुक और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल फोन बरामद किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, ग्राम चिखलदाह निवासी ऋषभ सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उन्होंने खेती के लिए खाद और कीटनाशक खरीदने के उद्देश्य से ऑनलाइन संपर्क किया था। खुद को सप्लायर बताने वाले आरोपियों ने व्हाट्सएप और मोबाइल कॉल के जरिए भरोसा जीतकर अलग-अलग किश्तों में 5 लाख 40 हजार रुपये अपने बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। रकम मिलने के बाद न तो सामान भेजा गया और न ही पैसे लौटाए गए। बाद में आरोपियों ने अपने मोबाइल नंबर भी बंद कर दिए।

शिकायत के आधार पर थाना खैरागढ़ में अपराध क्रमांक 151/2026 दर्ज कर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D के तहत जांच शुरू की गई। तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के विश्लेषण के बाद आरोपी की लोकेशन मैनपुरी (उत्तर प्रदेश) में मिली।

पुलिस टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से ग्राम नगला लछी, थाना किसनी में दबिश देकर अनुरुद्ध कुमार (27) को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी से साइबर ठगी के नेटवर्क और अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

गंडई में सट्टा लिखते युवक गिरफ्तार

इधर, जिले में अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए थाना गंडई पुलिस ने सट्टा-पट्टी लिखते एक युवक को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। सूचना के आधार पर सब्जी मार्केट क्षेत्र में दबिश देकर रेखचंद पटेल (20) को पकड़ा गया। उसके पास से तीन सट्टा-पट्टी, एक डॉट पेन और 755 रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम, 2022 के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।

पुलिस की अपील

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि खाद, बीज, कृषि दवाइयों या अन्य सामान की ऑनलाइन खरीदारी करते समय किसी भी अनजान व्यक्ति को अग्रिम भुगतान न करें। खरीदारी से पहले विक्रेता की प्रमाणिकता अवश्य जांचें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई कर ठगी गई राशि सुरक्षित कराई जा सके।