रायपुर। भारतीय जनता पार्टी ने संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव करते हुए छत्तीसगढ़ में नई जिम्मेदारियां तय की हैं। कर्मवीर सिंह को छत्तीसगढ़ भाजपा का नया प्रदेश संगठन महामंत्री बनाया गया है। वहीं लंबे समय से यह जिम्मेदारी संभाल रहे पवन साय को झारखंड भेजा गया है, जबकि अजय जामवाल को महाराष्ट्र में संगठनात्मक दायित्व दिया गया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश को छत्तीसगढ़ का प्रभार सौंपा गया है।


पवन साय और अजय जामवाल की बदली जिम्मेदारी

पवन साय लंबे समय से छत्तीसगढ़ भाजपा में प्रदेश संगठन महामंत्री के रूप में काम कर रहे थे। संगठनात्मक फेरबदल के बाद अब उन्हें झारखंड से जुड़ी जिम्मेदारी दी गई है। वहीं छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय संगठन महामंत्री की भूमिका निभा रहे अजय जामवाल को महाराष्ट्र में संगठन महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपे जाने की जानकारी सामने आई है।


कर्मवीर सिंह संभालेंगे छत्तीसगढ़ संगठन की कमान

कर्मवीर सिंह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक रह चुके हैं और उन्हें संगठनात्मक कार्य का लंबा अनुभव है। वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले से हैं। उन्होंने वर्ष 1993 में संघ प्रचारक के रूप में अपना कार्य शुरू किया था।

इसके बाद उन्होंने तहसील प्रचारक, नगर प्रचारक, महानगर प्रचारक और जिला प्रचारक सहित विभिन्न जिम्मेदारियां संभालीं। वे आगरा, अलीगढ़, मथुरा, एटा और बरेली सहित कई क्षेत्रों में संगठनात्मक भूमिका निभा चुके हैं।


उत्तर प्रदेश से झारखंड तक संभाल चुके हैं दायित्व

वर्ष 2015 में कर्मवीर सिंह मेरठ प्रांत के सह प्रांत प्रचारक बने। इसके बाद 2019 में उन्होंने ब्रज प्रांत के सह प्रांत प्रचारक के रूप में काम किया।

वर्ष 2020 से वे भाजपा उत्तर प्रदेश में प्रदेश सह महामंत्री (संगठन) की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। अगस्त 2022 से वे झारखंड भाजपा के प्रदेश महामंत्री (संगठन) के रूप में कार्यरत थे। अब पार्टी ने उन्हें छत्तीसगढ़ की जिम्मेदारी सौंपी है।


शिवप्रकाश को छत्तीसगढ़ का संगठनात्मक प्रभार

भाजपा के राष्ट्रीय सह महामंत्री (संगठन) शिवप्रकाश को भी नई संगठनात्मक जिम्मेदारियां दी गई हैं। छत्तीसगढ़ के संगठनात्मक कामकाज में अब उनकी भूमिका भी महत्वपूर्ण रहेगी। पार्टी की ओर से 24 सितंबर 2026 को जारी संगठनात्मक नियुक्तियों में कई राज्यों के लिए नई जिम्मेदारियां घोषित की गईं।

नए फेरबदल के बाद छत्तीसगढ़ भाजपा में संगठन के आगामी कार्यक्रमों, विस्तार और समन्वय की जिम्मेदारी नई टीम के हाथों में होगी।