खैरागढ़। छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ जिले में महतारी वंदन योजना की ई-केवाईसी प्रक्रिया के दौरान चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सत्यापन के दौरान पता चला कि मुढ़ीपार निवासी तिलोक साहू का आवेदन महिला लाभार्थी के रूप में स्वीकृत हो गया था। इतना ही नहीं, करीब 12 महीनों तक योजना की किस्तें उसके बैंक खाते में जमा होती रहीं।
जानकारी के अनुसार, आवेदन फॉर्म में लाभार्थी और पति, दोनों के स्थान पर तिलोक साहू का ही नाम दर्ज था। इसके बावजूद आवेदन को मंजूरी मिल गई और योजना का लाभ नियमित रूप से मिलता रहा, जिससे सत्यापन प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।
पोर्टल की जांच के लिए किया था आवेदन
तिलोक साहू ने बताया कि वह कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) संचालित करता है। योजना का ऑनलाइन पोर्टल शुरू होने पर उसने प्रक्रिया को समझने और परीक्षण के उद्देश्य से अपने ही नाम से आवेदन भर दिया था। उसके मुताबिक, उसे उम्मीद नहीं थी कि आवेदन स्वीकृत हो जाएगा, लेकिन कुछ समय बाद उसके बैंक खाते में योजना की पहली किस्त आ गई। इसके बाद लगातार कई महीनों तक राशि जमा होती रही।
यह मामला सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने जांच शुरू कर दी है और यह पता लगाया जा रहा है कि आवेदन के सत्यापन और स्वीकृति के दौरान किस स्तर पर चूक हुई। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।





