बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के मल्हार स्थित सरकारी स्कूल में गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। छात्राओं को निशुल्क मिलने वाले सेनेटरी पैड के बदले पैसे वसूलने, विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार और शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही की शिकायतें जांच में सही पाई गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने प्राचार्य समेत तीन शिक्षकों को स्कूल से हटाकर अन्य विद्यालयों में पदस्थ करने के आदेश जारी किए हैं।


मुफ्त सेनेटरी पैड के लिए छात्राओं से वसूले जा रहे थे पैसे

जानकारी के अनुसार, मल्हार के सरकारी स्कूल में लंबे समय से अव्यवस्था और विद्यार्थियों से अनुचित व्यवहार की शिकायतें मिल रही थीं। छात्राओं ने आरोप लगाया था कि उन्हें निशुल्क उपलब्ध कराए जाने वाले सेनेटरी पैड के बदले पैसे देने पड़ रहे थे।

इसके अलावा विद्यार्थियों से निर्धारित राशि से अधिक वसूली और शिक्षकों द्वारा दुर्व्यवहार की शिकायतें भी सामने आई थीं। मामले की शिकायत सीएम हेल्पलाइन तक पहुंचने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया।


छात्राओं ने कलेक्टर से की थी शिकायत

एक अक्टूबर को स्कूल की छात्राओं ने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मुलाकात कर प्राचार्य वेदप्रकाश शुक्ला, व्याख्याता रश्मि गुप्ता और संजय दुबे के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।

शिकायतों को देखते हुए कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय को जांच के निर्देश दिए। इसके बाद तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई।

समिति ने सात अक्टूबर को अपनी रिपोर्ट सौंपते हुए कई शिकायतों की पुष्टि की।


चपरासी से कॉपियां जांचने और पढ़ाने का काम कराने की पुष्टि

जांच में व्याख्याता रश्मि गुप्ता के खिलाफ विद्यार्थियों से दुर्व्यवहार और शैक्षणिक जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही के आरोप सही पाए गए।

रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षिका द्वारा उत्तर पुस्तिकाओं की जांच और विद्यार्थियों को पढ़ाने का काम चपरासी से कराया जा रहा था। जांच समिति ने इसे शैक्षणिक व्यवस्था में गंभीर अनियमितता माना।

वहीं, व्याख्याता संजय दुबे के खिलाफ भी विद्यार्थियों से अनुचित व्यवहार और अन्य शिकायतों की पुष्टि हुई।


प्राचार्य समेत तीनों को दूसरे स्कूलों में भेजा गया

जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर संजय अग्रवाल की मंजूरी के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने नौ अक्टूबर को आदेश जारी किया।

इसके तहत प्राचार्य वेदप्रकाश शुक्ला को मस्तूरी विकासखंड के शासकीय हाई स्कूल कुकुर्दीकेरा भेजा गया है।

व्याख्याता रश्मि गुप्ता को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पचपेड़ी और व्याख्याता संजय दुबे को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय ओखर में पदस्थ करने के निर्देश दिए गए हैं।


डीपीआई को भेजा गया विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव

जिला शिक्षा अधिकारी संदीप पांडेय ने बताया कि प्राचार्य और दोनों व्याख्याताओं के खिलाफ आगे की कार्रवाई के लिए प्रस्ताव लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) को भेजा गया है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि गंभीर अनियमितताओं के मामलों में विभागीय कार्रवाई करने का अधिकार डीपीआई के पास है।

फिलहाल तीनों को अन्य विद्यालयों में भेजने संबंधी आदेश राज्य शासन की अंतिम स्थानांतरण स्वीकृति के अधीन हैं। शासन से नए पदस्थापना आदेश जारी होने के बाद वर्तमान आदेश स्वतः निरस्त माने जाएंगे।


स्कूल की व्यवस्था सुधारने पर प्रशासन का जोर

जांच समिति ने विद्यार्थियों की सुरक्षा, शैक्षणिक व्यवस्था में सुधार और विद्यालय में बेहतर वातावरण तैयार करने के उद्देश्य से तीनों को दूसरी जगह पदस्थ करने की अनुशंसा की थी।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि विद्यालय में विद्यार्थियों के साथ अनुचित व्यवहार और शैक्षणिक कार्यों में अनियमितता के मामलों को गंभीरता से लिया जाएगा। फिलहाल संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आगे की विभागीय कार्रवाई का निर्णय लोक शिक्षण संचालनालय स्तर पर होना है।