कवर्धा। प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत बनाई गई सड़क के धंसने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। सड़क निर्माण में लापरवाही और तकनीकी खामियां सामने आने के बाद दो इंजीनियरों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं कार्यपालन अभियंता के खिलाफ भी निलंबन का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। इसके साथ ही संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह कार्रवाई उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर गठित राज्य स्तरीय जांच टीम की रिपोर्ट के बाद की गई है। जांच में सड़क निर्माण कार्य में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं।


वाहन धंसने का वीडियो हुआ था वायरल

मामला उस समय सुर्खियों में आया था, जब बोड़ला विकासखंड क्षेत्र में प्रधानमंत्री जनमन योजना से बनी सड़क पर एक भारी वाहन का पहिया धंसने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था। वीडियो सामने आने के बाद सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे थे।

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी इस वीडियो को सोशल मीडिया पर साझा करते हुए सरकार से जवाब मांगा था। इसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए राज्य स्तरीय जांच के निर्देश दिए थे।


जांच में सामने आई निर्माण की खामियां

बोड़ला विकासखंड के दलदली मेन रोड से खारिया और अगरी तक बनाई गई सड़क की जांच के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सचिव भीम सिंह खुद मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने सड़क की कोर कटिंग कराकर निर्माण गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई।

जांच रिपोर्ट में सामने आया कि सड़क पर तय क्षमता से कई गुना अधिक वजन वाले भारी वाहनों का संचालन किया जा रहा था। करीब 60 से 70 टन तक रेत से लदे वाहन इस मार्ग से गुजर रहे थे, जबकि सड़क का निर्माण केवल 10 से 12 टन क्षमता वाले वाहनों के लिए किया गया था।


कॉम्पैक्शन और शोल्डर निर्माण में मिली गड़बड़ी

तकनीकी जांच में सड़क निर्माण के दौरान शोल्डर निर्माण और मिट्टी के कॉम्पैक्शन में गंभीर खामियां पाई गईं। बारिश के दौरान पानी सड़क की निचली परतों तक पहुंच गया, जिससे सड़क कमजोर होकर धंस गई।

अधिकारियों के अनुसार, निर्माण में गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण सड़क की मजबूती प्रभावित हुई।


भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक के निर्देश

सड़क को और नुकसान से बचाने के लिए प्रशासन ने परिवहन, पुलिस और राजस्व विभाग को संयुक्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को सड़क पर क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए निगरानी बढ़ाने को कहा गया है।


लापरवाही पर होगी और कार्रवाई

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी योजनाओं के तहत होने वाले निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदार के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहने की संभावना है।