स्पोर्ट्स डेस्क। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा मुकाबला कोलंबो के एसएससी ग्राउंड पर खेला जा रहा है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम के लिए देवदत्त पडिक्कल ने एक बार फिर शानदार प्रदर्शन किया। नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए पडिक्कल ने 117 रन की शतकीय पारी खेली और भारतीय पारी को मजबूत स्थिति में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

गॉल टेस्ट में बल्ले से दमदार प्रदर्शन करने के बाद पडिक्कल ने कोलंबो में भी अपनी लय बरकरार रखी। इस शतक के साथ उन्होंने श्रीलंका की धरती पर टेस्ट शतकों के मामले में विराट कोहली की बराबरी भी कर ली।


गॉल के बाद कोलंबो में भी पडिक्कल का बल्ला गरजा

श्रीलंका के खिलाफ मौजूदा टेस्ट सीरीज देवदत्त पडिक्कल के लिए शानदार साबित हो रही है। गॉल में प्रभावशाली प्रदर्शन के बाद उनसे दूसरे टेस्ट में भी बड़ी पारी की उम्मीद थी। पडिक्कल ने इस भरोसे को कायम रखते हुए कोलंबो में 117 रन बनाए।

नंबर-3 पर उतरे पडिक्कल ने श्रीलंकाई गेंदबाजों का आत्मविश्वास के साथ सामना किया। उन्होंने परिस्थितियों के मुताबिक संभलकर और आक्रामक दोनों अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए अपना शतक पूरा किया।

लगातार बड़ी पारियां खेलकर पडिक्कल ने भारतीय टेस्ट टीम में अपनी दावेदारी को और मजबूत किया है।


विराट कोहली के रिकॉर्ड की बराबरी

कोलंबो में शतक जड़ने के साथ पडिक्कल के नाम श्रीलंका की धरती पर दो टेस्ट शतक हो गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने पूर्व भारतीय कप्तान विराट कोहली की बराबरी कर ली है।

विराट कोहली ने भी श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट में दो शतक लगाए हैं। पडिक्कल के लिए यह उपलब्धि इसलिए खास है क्योंकि उन्हें मौजूदा सीरीज में महत्वपूर्ण नंबर-3 की जिम्मेदारी मिली है और उन्होंने मिले अवसरों को लगातार बड़ी पारियों में बदला है।


सचिन तेंदुलकर के नाम सबसे ज्यादा शतक

श्रीलंका की धरती पर भारतीय बल्लेबाजों द्वारा लगाए गए टेस्ट शतकों की सूची में सचिन तेंदुलकर शीर्ष पर हैं। सचिन ने श्रीलंका में पांच टेस्ट शतक लगाए हैं।

उनके बाद वीरेंद्र सहवाग, शिखर धवन और चेतेश्वर पुजारा के नाम तीन-तीन टेस्ट शतक हैं। वहीं देवदत्त पडिक्कल और विराट कोहली सहित कुछ अन्य भारतीय बल्लेबाजों के नाम श्रीलंका में दो-दो टेस्ट शतक दर्ज हैं।


मिले मौके को पडिक्कल ने बनाया खास

पडिक्कल को साई सुदर्शन के चोटिल होने के बाद भारतीय टीम में मौका मिला था। इसके बाद उन्होंने लगातार रन बनाकर इस अवसर का पूरा फायदा उठाया है।

गॉल के बाद कोलंबो में भी शतकीय पारी खेलना पडिक्कल के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नंबर-3 जैसी अहम बल्लेबाजी पोजिशन पर लगातार रन बनाकर उन्होंने टीम मैनेजमेंट के सामने अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।

कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में उनकी 117 रन की पारी ने भारत को मजबूत स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया।