बेमेतरा। छत्तीसगढ़ के बेमेतरा जिले में शिवनाथ नदी से कथित अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का मामला सामने आया है। परपोड़ा गांव में ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने बुधवार रात रेत से भरी दो ट्रॉलियां पकड़कर प्रशासन को सूचना दी। मौके पर पहुंची राजस्व और पुलिस की टीम ने दोनों ट्रॉलियों को जब्त कर देवकर पुलिस चौकी में रखवा दिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से नदी घाट से लगातार रेत निकाली जा रही थी। प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीणों ने रात आठ बजे पकड़ीं रेत से भरी ट्रॉलियां

जानकारी के अनुसार, बुधवार रात करीब आठ बजे परपोड़ा गांव के उपसरपंच मालिक राम साहू, पंच डोमन साहू और अन्य ग्रामीणों ने शिवनाथ नदी के घाट से रेत लेकर जा रही दो ट्रॉलियों को रोक लिया। ग्रामीणों ने रेत उत्खनन और परिवहन को लेकर सवाल उठाए और तत्काल तहसीलदार एवं देवकर पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंची। इस दौरान दोनों ट्रॉलियां रेत से भरी मिलीं, लेकिन उनसे जुड़े ट्रैक्टर मौके पर मौजूद नहीं थे। इसके बाद प्रशासन ने दोनों ट्रॉलियों को जब्त कर लिया।

तीन दिनों में 14 से 15 ट्रॉली रेत निकालने का आरोप

ग्राम पंचायत के पंच डोमन साहू ने आरोप लगाया कि शिवनाथ नदी के परपोड़ा घाट से पिछले तीन दिनों में करीब 14 से 15 ट्रॉली रेत निकाली जा चुकी है।

उन्होंने दावा किया कि पकड़ी गई एक ट्रॉली ज्ञानेश्वर साहू की है, जो सरपंच फत्तेलाल साहू के भतीजे हैं, जबकि दूसरी ट्रॉली विक्रम साहू की बताई जा रही है। हालांकि, ट्रॉलियों के स्वामित्व और निकाली गई रेत की मात्रा की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।

रेत खनन का विरोध करने पर विवाद, गाली-गलौज का आरोप

पंच डोमन साहू के मुताबिक, ग्रामीणों ने जब नदी घाट से रेत निकालने का विरोध किया तो मौके पर विवाद की स्थिति बन गई। उन्होंने आरोप लगाया कि इस दौरान ज्ञानेश्वर साहू ने उनके साथ गाली-गलौज की।

डोमन साहू का कहना है कि विवाद बढ़ने के बाद संबंधित लोग रेत से भरी ट्रॉलियां छोड़कर ट्रैक्टर लेकर चले गए। हालांकि, विवाद और दुर्व्यवहार के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

सरपंच को बुलाने का प्रयास, नहीं पहुंचे मौके पर

पंच डोमन साहू ने बताया कि घटना की सूचना मिलने के बाद रात करीब 12 बजे कोटवार के माध्यम से ग्राम पंचायत के सरपंच फत्तेलाल साहू को मौके पर बुलाने का प्रयास किया गया। उनका दावा है कि सरपंच ने फोन नहीं उठाया और मौके पर भी नहीं पहुंचे। इस संबंध में सरपंच का पक्ष सामने नहीं आया है।

तहसीलदार ने की जब्ती की पुष्टि, दस्तावेजों की होगी जांच

तहसीलदार मानकर ने बताया कि परपोड़ा घाट पर रेत से भरी दो ट्रॉलियां मिली थीं, जबकि संबंधित ट्रैक्टर मौके से जा चुके थे। दोनों ट्रॉलियों को जब्त कर देवकर पुलिस चौकी में रखवाया गया है।

उन्होंने बताया कि प्रकरण प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन अब रेत उत्खनन और परिवहन से संबंधित दस्तावेजों एवं अनुमति की जांच करेगा।

फिलहाल, अवैध रेत खनन के आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि नदी घाट से रेत निकालने और उसके परिवहन में नियमों का उल्लंघन हुआ है या नहीं।