भिलाई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) भिलाई ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के नाम पर हो रही ऑनलाइन ठगी को लेकर लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। संस्थान ने स्पष्ट किया है कि साइबर ठग AI तकनीक का इस्तेमाल कर फर्जी कॉल, मैसेज, ई-मेल और वीडियो के जरिए लोगों को निशाना बना रहे हैं।
IIT भिलाई के अनुसार, AI की मदद से तैयार किए गए डीपफेक वीडियो, नकली आवाज (Voice Cloning) और फर्जी दस्तावेजों के जरिए लोगों को धोखा दिया जा सकता है। ऐसे मामलों में ठग खुद को सरकारी अधिकारी, बैंक कर्मचारी या किसी परिचित के रूप में पेश कर गोपनीय जानकारी और बैंकिंग विवरण हासिल करने की कोशिश करते हैं।
संस्थान ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी, पासवर्ड या बैंक संबंधी जानकारी किसी के साथ साझा न करें और किसी संदिग्ध कॉल या संदेश की पहले सत्यता की जांच करें। यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे तो इसकी जानकारी तुरंत संबंधित साइबर पुलिस या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन पर दें।
IIT भिलाई ने कहा कि AI एक उपयोगी और शक्तिशाली तकनीक है, लेकिन इसका दुरुपयोग भी तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए डिजिटल दुनिया में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर ठगी से बचने का सबसे प्रभावी उपाय है।





